उदयपुर। मेवाड़ राजपरिवार से दुखद खबर सामने आई है। राजमाता साहिबा श्रीमती विजयाराज कुमारी मेवाड़ का सोमवार, 14 सितंबर 2026 को निधन हो गया। उनके निधन की सूचना के बाद उदयपुर सहित पूरे मेवाड़ क्षेत्र में शोक की लहर है। राजपरिवार से जुड़े लोगों, शुभचिंतकों और शहरवासियों ने राजमाता के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।
राजमाता विजयाराज कुमारी का जन्म 21 दिसंबर 1942 को हुआ था। वे स्वर्गीय श्रीजी अरविन्द सिंह जी मेवाड़ की धर्मपत्नी थीं। मेवाड़ राजपरिवार से जुड़ी होने के कारण उनका उदयपुर की राजपरंपरा और सामाजिक जीवन में विशेष स्थान रहा।
राजमाता के निधन के बाद मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे उदयपुर स्थित राजमहल से उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। अंतिम यात्रा महासतियांजी के लिए रवाना हुई। इस दौरान राजपरिवार से जुड़े सदस्य, परिचित, शुभचिंतक और बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। राजमाता को अंतिम विदाई देने के लिए लोगों में गहरा भावुक माहौल देखने को मिला।

राजमाता के निधन से मेवाड़ की राजपरंपरा से जुड़े लोगों में भी शोक की भावना है। उदयपुर में राजपरिवार का ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व रहा है और ऐसे में राजमाता के निधन को शहर और मेवाड़ के लिए एक अपूरणीय क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
16 से 23 सितंबर तक शोक बैठक
राजपरिवार की ओर से जारी शोक संदेश के अनुसार, राजमाता विजयाराज कुमारी के निधन के बाद 16 सितंबर से 23 सितंबर 2026 तक शोक बैठक आयोजित की जाएगी। यह बैठक शम्भु निवास पैलेस, राजमहल, उदयपुर में प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से 3 बजे के बीच रखी गई है।
इस दौरान राजमाता के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करने और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए लोग शम्भु निवास पैलेस पहुंच सकेंगे।
राजमाता विजयाराज कुमारी के निधन से मेवाड़ राजघराने में शोक का माहौल है। उदयपुरवासियों और राजपरिवार के शुभचिंतकों ने दिवंगत राजमाता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
