
उदयपुर के लोयरा गांव में आज सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक फर्नीचर फैक्ट्री अचानक आग के गोलों और काले धुएं में तब्दील हो गई। सुबह करीब 11 बजे हुए इस हादसे ने देखते ही देखते इतना विकराल रूप ले लिया कि आसमान में 2 से 3 किलोमीटर दूर तक सिर्फ काला धुआं ही नजर आ रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, फैक्ट्री के पास स्थित एक बिजली के पोल में अचानक जोरदार ब्लास्ट हुआ, जिसके बाद निकली चिंगारियों ने फैक्ट्री के पिछले हिस्से में पड़े वेस्ट मटेरियल, फोम और पॉलिथीन को अपनी चपेट में ले लिया। ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण आग ने तेजी पकड़ी और आसमान को काले गुबार से ढक दिया।
हादसे की सूचना मिलते ही नगर निगम की फायर ब्रिगेड और बड़गांव थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। तेज हवाओं ने आग बुझाने के काम में मुश्किलें खड़ी कीं, लेकिन दमकल की 5 गाड़ियों ने मोर्चा संभाला और करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद लपटों पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि आग फैक्ट्री के मुख्य हिस्से और मशीनरी तक नहीं पहुंची, जिससे एक बड़ा नुकसान होने से बच गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) बाबूलाल चौधरी ने बताया कि समय रहते आग को चारों तरफ से घेर लिया गया, जिससे इसे फैलने से रोक दिया गया। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
लोयरा गांव के पास स्थित इस फैक्ट्री को लेकर स्थानीय लोगों ने एक चौंकाने वाली जानकारी भी दी। फैक्ट्री के बाहर ‘श्रुति सिंथेटिक’ का बोर्ड लगा हुआ है, लेकिन अंदर काफी समय से फर्नीचर का काम चल रहा था। चूंकि फैक्ट्री आबादी क्षेत्र से करीब एक किलोमीटर दूर थी, इसलिए कोई जनहानि नहीं हुई। पुलिस अब फैक्ट्री मालिक के बारे में जानकारी जुटा रही है और शॉर्ट सर्किट से हुए इस हादसे की जांच की जा रही है। एहतियात के तौर पर दमकल की टीमें अभी भी निगरानी बनाए हुए हैं ताकि कहीं फिर से चिंगारी न भड़क जाए।
