
अजमेर के जेठाना गांव से रिश्तों के नाम पर ठगी की एक हैरान कर देने वाली कहानी सामने आई है, जहाँ शादी की खुशियां घर की चौखट पार करते ही मातम और पछतावे में बदल गईं। 33 वर्षीय सुनील वैष्णव के लिए अपना घर बसाने का सपना उस वक्त एक बुरा सपना बन गया, जब गांव के ही एक शख्स और एक दलाल ने मिलकर उसे अपनी साजिश का शिकार बनाया। शादी करवाने के बदले दलाल रुपसिंह ने डेढ़ लाख रुपए की मांग की और पूजा नाम की युवती को ‘सुंदर और सुशील’ बताकर सुनील के सामने पेश किया। 20 अप्रैल 2026 को मंदिर की पवित्रता और हिंदू रीति-रिवाजों के बीच फेरे हुए, फोटो और वीडियोग्राफी भी की गई, ताकि सुनील को जरा भी शक न हो कि उसके साथ कोई बड़ा खेल खेला जा रहा है।
धोखे की असली परतें तब खुलीं जब सुनील अपनी नई दुल्हन को लेकर अरमानों के साथ घर पहुँचा। घर में कदम रखते ही दुल्हन का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। उसने न केवल सुनील के साथ रहने से साफ इनकार कर दिया, बल्कि तुरंत अपने गांव वापस जाने की जिद पर अड़ गई। जब पीड़ित ने अपने दिए हुए रुपयों की बात की, तो युवती ने पल्ला झाड़ते हुए सारी जिम्मेदारी दलाल पर डाल दी। ठगी का जाल इतना गहरा था कि शादी के नाम पर आरोपियों ने सुनील से चालाकी दिखाकर मैरिज सर्टिफिकेट के बजाय गुपचुप तरीके से ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ के दस्तावेज तैयार करवा लिए थे।
शादी के पवित्र बंधन के नाम पर की गई इस सुनियोजित ठगी ने सुनील को आर्थिक और मानसिक तौर पर तोड़कर रख दिया। पवित्र फेरों को ढाल बनाकर की गई इस लूट के बाद, पीड़ित ने अब न्याय की गुहार लगाई है। मांगलियावास थाना पुलिस ने सुनील की रिपोर्ट पर दलाल रुपसिंह और युवती सहित तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। यह घटना समाज के उन गिरोहों की पोल खोलती है जो शादी की आड़ में भोले-भाले लोगों की भावनाओं और जमापूंजी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
