
डूंगरपुर। राजस्थान-गुजरात सीमा पर स्थित डूंगरपुर जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस का ‘ऑपरेशन स्वच्छता’ काल बनकर टूट रहा है। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस विशेष अभियान ने शराब माफियाओं के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। पिछले महज 11 महीनों के आंकड़ों पर गौर करें तो डूंगरपुर पुलिस ने अब तक 10 करोड़ 30 लाख रुपये से अधिक की अवैध शराब बरामद कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह शराब हरियाणा जैसे राज्यों से तस्करी कर राजस्थान के रास्ते गुजरात ले जाई जा रही थी, जिसे बिछीवाड़ा और धंबोला सहित विभिन्न थानों की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए जब्त कर लिया।
पुलिस की इस आक्रामक कार्रवाई के दौरान शराब परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे 81 लग्जरी और मालवाहक वाहनों को भी जब्त किया गया है। इतना ही नहीं, पुलिस ने तस्करी के इस काले कारोबार में शामिल 769 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। आंकड़ों का तुलनात्मक अध्ययन करें तो इस वर्ष की सफलता पिछले साल के मुकाबले कहीं अधिक बड़ी नजर आती है। वर्ष 2024 में पुलिस ने 5 करोड़ 60 लाख रुपये की शराब पकड़ी थी और 56 वाहन जब्त किए थे, जबकि इस साल 11 महीनों में ही जब्त शराब की कीमत पिछले साल से लगभग दोगुनी हो गई है।
एसपी मनीष कुमार द्वारा शुरू किए गए ‘ऑपरेशन स्वच्छता’ का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती इलाकों में तस्करी के रूट को ब्लॉक करना और तस्करों के आर्थिक तंत्र को चोट पहुँचाना है। पुलिस की इस सक्रियता से तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है। जिले के बिछीवाड़ा और धंबोला जैसे संवेदनशील थाना क्षेत्रों में पुलिस ने नाकाबंदी और मुखबिर तंत्र को इतना मजबूत कर दिया है कि तस्करों का हर नया पैंतरा फेल साबित हो रहा है। पुलिस विभाग का कहना है कि यह अभियान भविष्य में भी इसी तरह जारी रहेगा ताकि राजस्थान और गुजरात के बीच होने वाली इस अवैध गतिविधि को जड़ से खत्म किया जा सके।
