केरल से साइकिल पर मेवाड़ पहुंचा ‘जोपेन’, 23 हजार KM का सफर और साथ में वफादार साथी

राजसमंद। हौसले बुलंद हों तो मंजिल की दूरी मायने नहीं रखती। केरल के एक युवक जोपेन ने इसे सच कर दिखाया है। 11 अक्टूबर 2024 को केरल के कोटीयम्ब से शुरू हुआ उनका सफर अब राजस्थान के राजसमंद जिले तक पहुंच गया है। पिछले डेढ़ साल में 23 हजार किलोमीटर की दूरी तय कर चुके जोपेन अकेले नहीं हैं, बल्कि उनका पालतू डॉगी भी इस लंबी यात्रा में उनके साथ साइकिल पर सवार है।

साइकिल ही बना ‘छोटा घर’

जोपेन ने अपनी साइकिल को किसी चलते-फिरते घर की तरह तैयार किया है। मोबाइल स्टैंड से लेकर पंचर किट और पानी से लेकर कपड़ों तक, उनकी जरूरत का हर सामान इसी साइकिल पर मौजूद है। वे जनसहयोग के माध्यम से अपनी इस भारत यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

पिपलांत्री का मॉडल देख हुए अभिभूत

राजसमंद प्रवास के दौरान जोपेन विश्व प्रसिद्ध पिपलांत्री गांव पहुंचे। वहां ‘बेटी, पानी, पेड़, जंगल और जमीन’ के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों को देखकर वे दंग रह गए।

“केरल में तो पानी की प्रचुरता के कारण हरियाली है, लेकिन मेवाड़ के इन ऊबड़-खाबड़ पहाड़ों के बीच ऐसी सघन हरियाली देखना किसी चमत्कार से कम नहीं है।” — जोपेन, साइकिल यात्री

मंजिल अभी दूर है…

दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों से होते हुए जोपेन अब राजस्थान की रेतीली और पहाड़ी सीमाओं को नाप रहे हैं। राजस्थान का दौरा पूरा करने के बाद, उनका अगला पड़ाव पंजाब, हरियाणा और दिल्ली होते हुए कश्मीर की वादियां होंगी।

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