
उदयपुर 2 जून -श्री कुन्दकुन्द कहान वीतराग विज्ञान शिक्षण समिति, उदयपुर द्वारा आगामी 8 जून से 14 जून 2026 तक संस्कारतीर्थ शाश्वतधाम में आयोजित होने जा रहे जैन एजुकेशनल कैंप की तैयारियाँ युद्धस्तर पर जारी हैं। शिविर को सफल, संस्कारमय एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का माध्यम बनाने के उद्देश्य से आयोजित बैठक में दिगम्बर जैन समाज की विभिन्न संस्थाओं एवं समाजों के अध्यक्षों तथा पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र के बच्चों का अधिक से अधिक पंजीयन करवाने का आग्रह किया गया।
समिति के महामंत्री राजमल गोदडोत ने बताया की बैठक में शिविर के निर्देशक एवं राजस्थान गौरव डॉ. जिनेन्द्र शास्त्री, समिति अध्यक्ष अभय बंडी, शिविर संयोजक पं.ऋषभ शास्त्री एवं पं. गजेन्द्र शास्त्री, डॉ. निलेश शास्त्री सहित प्रचार-प्रसार टीम के सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में शिविर की रूपरेखा, व्यवस्थाओं, प्रचार-प्रसार अभियान, विद्यार्थियों की सहभागिता तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं संस्कारपरक गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. जिनेन्द्र शास्त्री ने कहा कि नन्हे कदम, बड़े संस्कार” की भावना के साथ आयोजित यह शिविर बच्चों को ज्ञान, संस्कृति, चरित्र निर्माण एवं जीवन की सही दिशा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।वर्तमान समय में बच्चों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता तथा जीवन मूल्यों की भी आवश्यकता है। जैन एजुकेशनल कैंप इसी उद्देश्य को लेकर आयोजित किया जा रहा है, जहाँ बच्चों को ज्ञान, संस्कार और व्यक्तित्व विकास का समन्वित वातावरण प्राप्त होगा।
अध्यक्ष अभय बंडी ने समाज के सभी पदाधिकारियों एवं गणमान्यजनों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में शिविर की जानकारी घर-घर तक पहुँचाएँ तथा अधिकाधिक बच्चों को इस शिविर से जोड़ने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि यह शिविर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखने का एक सार्थक प्रयास है।
संयोजक ऋषभ जैन ने बताया कि शिविर में बच्चों के लिए योग, ध्यान, जिनवाणी अध्ययन, प्रेरक कथाएँ, व्यक्तित्व विकास, वक्तृत्व कला, सांस्कृतिक गतिविधियाँ, खेल-कूद, समूह चर्चा, भक्ति एवं रचनात्मक कार्यक्रमों का विशेष आयोजन किया जाएगा, जिससे बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
अतिथि विद्वानों का मिलेगा सान्निध्य
शिविर की विशेषता यह रहेगी कि इसमें विभिन्न नगरों से प्रतिष्ठित विद्वान एवं प्रशिक्षक बच्चों का मार्गदर्शन करेंगे। इनमें पंडित आदित्य शास्त्री (पीडावा), पंडित जिनकुमार शास्त्री (जयपुर) एवं पंडित कपिल शास्त्री विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। इनके व्याख्यान, प्रशिक्षण सत्र एवं प्रेरक संवाद बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायी सिद्ध होंगे।
बैठक में उपस्थित सदस्यों ने विश्वास व्यक्त किया कि समाज के सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता से यह शिविर बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाला एक महत्वपूर्ण आयोजन सिद्ध होगा। समिति ने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों का शीघ्र पंजीयन करवाकर इस अनूठे शैक्षणिक एवं संस्कारवर्धक शिविर का लाभ दिलाने की अपील की है।
