
जैसलमेर। सीमावर्ती जिले जैसलमेर की पुलिस लाइन शनिवार सुबह गोलियों की गूंज और चीख-पुकार से दहल उठी। यहाँ तैनात 30 वर्षीय जांबाज कांस्टेबल नरेंद्र मीणा ने अपनी ही सर्विस पिस्टल से कनपटी पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना उस वक्त उजागर हुई जब सुबह देर तक नरेंद्र अपने सरकारी आवास से बाहर नहीं निकले। साथी पुलिसकर्मियों ने जब कमरे का दरवाजा खटखटाया और अंदर से कोई जवाब नहीं मिला, तो अनहोनी की आशंका में दरवाजा तोड़ा गया。 अंदर का नजारा देख साथियों के होश उड़ गए; नरेंद्र का शव खून से लथपथ बिस्तर पर पड़ा था。 शुरुआती जांच में सामने आया है कि कांस्टेबल ने सोते हुए ही खुद को मौत के घाट उतार लिया。
घटना की जानकारी मिलते ही जिले के आला पुलिस अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं और सुसाइड में इस्तेमाल की गई सर्विस पिस्टल को अपने कब्जे में ले लिया है। बताया जा रहा है कि नरेंद्र पिछले कुछ दिनों से घर पर अकेले ही रह रहे थे, क्योंकि उनका परिवार कुछ दिन पहले ही अपने पैतृक गांव सवाई माधोपुर गया हुआ था। फिलहाल मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे खुदकुशी के कारणों पर रहस्य बरकरार है। पुलिस विभाग में इस घटना के बाद शोक की लहर है और साथी कर्मचारी स्तब्ध हैं।
पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि आखिर हंसते-खेलते कांस्टेबल ने इतना खौफनाक कदम क्यों उठाया। जांच के घेरे में मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद और व्यक्तिगत कारण शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों को सूचना दे दी गई है और उनके जैसलमेर पहुंचने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। परिजनों के बयानों और कॉल डिटेल्स के आधार पर मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है ताकि आत्महत्या की असल वजह सामने आ सके।
