एक शाम मुकेश के नाम
200 से अधिक सदस्यों ने एक स्वर में दी मुकेश जी को स्वरांजलि
एक ऐसा आयोजन जिसका इंतजार कायस्थ समाज के कलाकारों को ही नहीं अपितु सुधि श्रोताओं को भी पूरे वर्ष रहता है वो दिन इस संगीतमय आयोजन के लिए अविस्मरणीय बन गया।
MLSU गेस्ट हाउस ऑडिटोरियम में जैसे ही कायस्थ समाज के गायक कलाकारों ने सुर छेड़े आनंद का ऐसा माहौल बनने लगा कि कोई भी श्रोता अंत तक अपनी जगह से हिल ही नहीं पाया।
सभा अध्यक्ष श्री चेतन नारायण माथुर एवं महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष श्रीमती मीनाक्षी रायजादा ने सबका स्वागत किया।
कार्यक्रम का आगाज मास्टर धैर्यश पुत्र श्रीमती शीना वैभव माथुर के शिव स्तुति गान से हुआ…एक छोटे से बच्चे की अदभुद आध्यात्मिक गायन क्षमता ने सभी को अभिभूत कर दिया उसके बाद श्री सतीश माथुर के पहले गीत.. खुशी की वो रात आ गई ..से ही ऐसा शमा बंधा जो आगे अनवरत रहा…
श्री सुधीर माथुर ने
ए सनम जिसने तुझे चाँद सी…
श्री अमित माथुर/ श्रीमती निधि सक्सेना
ज़िंदगी की न टूटे लड़ी
श्री मनमोहन जी भटनागर ने
किसी की मुस्कुराहटों पे
श्री दिलीप माथुर ने
तेरी निगाहो पे
श्री मोहित माथुर ने
जिस गली मैं तेरा घर.
श्रीमती अनुपमा /सतीश माथुर ने
महबूब मेरे महबूब मेरे तू
श्रीमती शीला माथुर ने
जाने चले जाते है कहा
श्री हार्दिक चित्रांश माथुर ने
ओ महबूबा ओ महबूबा
श्री कोस्तूभ नाग ने
जो तुमको हो पसंद वो ही
डा रमांक माथुर ने
कहीं करती होगी वो मेरा
श्रीमती भावना माथुर ने
दम भर जो उधर मुंह फेरे
डा ऋचा श्रीवास्तव ने
ओह रे ताल मिले नदी
काव्य माथुर ने
कभी कभी मेरे दिल में
डॉ प्रियांक राय ने
चाँद सी मेहबूबा हो
डा आनंद श्रीवास्तव ने
इब्तिदा-ए-इश्क़ में हम
श्रुति जी भटनागर/ अमित जी ने
एक मंजिल रही दो
श्री राजीव शेखर माथुर ने
मै पल दो पल का शायर हूँ
श्री पुनीत सक्सेना ने
तारों मैं सज के,अपने सूरज
श्रीमती निधि पुनीत सक्सेना ने
आज रे अब मेरा दिल पुकारा
श्रीमती दीपा भटनागर ने
हमसफर मेरे हमसफर
विजय कुमार माथुर ने
बोल राधा बोल संगम
श्री राजेश भटनागर (हिक्की जी)
ने
एक प्यार का नगमा है
श्री मनोज माथुर (सोनू भाई –जोधपुर) ने
मुबारक हो सबको शमा
की शानदार प्रस्तुतियां दी।
समापन पर वो पल आया जिसका सबको इंतजार था ..सभी उपस्थित लगभग 200 जनों ने सभी कलाकारों के साथ एक स्वर में जीना यहां मरना यहां गाकर श्री मुकेश जी की स्वरांजलि दी..अदभुद क्षण वो आया जब इस गाने पर हमारे प्रिय “श्री आनन्द माथुर” “जोकर” की वेशभूषा में मंच पर आए और मुकेश– राजकपूर की जोड़ी की साक्षात जीवंत कर दिया..उनकी इस प्रस्तुति ने कइयों को भावुक कर दिया ..
अंत में स्नेह भोज का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के भामाशाह डा राजीव बिनीता जी सक्सेना,
श्री डी डी माथुर/ प्रेमलता जी, श्री चेतन नारायण शीला जी माथुर ,श्री अजय/ अनूप जी श्रीवास्तव,श्री मनमोहन जी भटनागर, श्री अर्पित माथुर ( जोधपुर )
,*श्री अमित शालू जी माथुर,श्री पुनीत निधि जी सक्सेना,श्री अनुपम रश्मि जी सक्सेना, श्री दीपक अर्चना जी श्रीवास्तव,श्री कुलदीप ममता जी माथुर ,श्री प्रदीप साधना जी माथुर,कायस्थ स्पोर्ट्स क्लब ,श्री सुधीर विभा जी माथुर ,श्री देवेंद्र माथुर साहब ,श्री वीरेंद्र स्वीटी जी माथुर ,श्री जगत रेनू जी माथुर ,डा बी पी भटनागर साहब ,महिला प्रकोष्ठ चित्रांश कायस्थ सभा( प्रतिभा जी , मीनाक्षी जी , कामिनी जी , राखी जी.रुक्मणी जी.आशिता जी.रत्ना जी.डा ऋचा जी.दीपा जी.भुवनेश्वरी जी ), श्री राजेश भटनागर (हिक्की भैया) और श्री मनोहर नारायण सरोज जी भटनागर ( सभी मोमेंट्स) का सहयोग हेतु महिला प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमती कामिनी सक्सेना ने आभार जताया।
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चित्रांश कायस्थ सभा संस्था उदयपुर
