
भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जल्द ही पटरी पर उतरने वाली है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, यह ट्रेन इसी महीने गुवाहाटी से कोलकाता के बीच अपनी पहली आधिकारिक दौड़ लगाएगी। खास बात यह है कि इसका किराया आम आदमी की जेब को ध्यान में रखकर तय किया गया है, जो इसी दूरी के लिए एयरलाइंस के 6 से 8 हजार रुपये के मुकाबले काफी किफायती है। ट्रेन में एसी कोच का किराया 2300 रुपये से शुरू होकर अधिकतम 3600 रुपये तक रखा गया है। यह ट्रेन न केवल तेज है, बल्कि अन्य ट्रेनों की तुलना में यात्रियों का करीब 3 घंटे का समय भी बचाएगी।
इस सेमी-हाई स्पीड ट्रेन का ट्रायल 30 दिसंबर को कोटा डिवीजन में 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है, हालांकि यह औसतन 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। पूरी तरह वातानुकूलित इस ट्रेन में 16 कोच होंगे, जिसमें 823 यात्रियों के बैठने की क्षमता है। यात्रियों की सुविधा के लिए इसमें 11 कोच थर्ड एसी, 4 कोच सेकंड एसी और एक विशेष फर्स्ट एसी कोच होगा। सुरक्षा और सफाई के मामले में भी यह ट्रेन विश्वस्तरीय है; इसके एसी कोच में 99.99% तक बैक्टीरिया खत्म करने वाला सिस्टम लगा है और दिव्यांगों के लिए मेट्रो की तर्ज पर ऑटोमैटिक दरवाजे व व्हीलचेयर की आसान पहुंच सुनिश्चित की गई है।
खान-पान के शौकीनों के लिए यह सफर किसी दावत से कम नहीं होगा। कोलकाता से चलने वाली ट्रेन में यात्रियों को बंगाली व्यंजनों का स्वाद मिलेगा, जबकि गुवाहाटी से चलने वाली ट्रेन में असमिया खाना परोसा जाएगा। मोबाइल चार्जिंग पॉइंट से लेकर पानी की बोतल रखने के लिए पर्याप्त जगह तक, हर छोटी सुविधा का बारीकी से ख्याल रखा गया है। रेल मंत्री ने संकेत दिए हैं कि अगले छह महीनों में ऐसी 8 और स्लीपर ट्रेनें देश को मिलेंगी। 17-18 जनवरी तक इस ट्रेन के ट्रैक पर आने की संभावना है, जिससे पूर्वोत्तर भारत के रेल सफर में एक क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
