भीलवाड़ा में चिकित्सा विभाग का बड़ा एक्शन: ‘एनर्जी ड्रिंक’ के भ्रामक दावों पर ‘स्टिंग’ की 2950 बोतलें जब्त, जांच के लिए भेजी लैब,

भीलवाड़ा। राजस्थान सरकार के प्रदेशव्यापी अभियान “शुद्ध आहार, मिलावट पर वार” के तहत भीलवाड़ा के खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने शहर के स्थानीय वितरक ‘मैसर्स मनोज इंटरप्राइजेज’ पर छापा मारकर लोकप्रिय ब्रांड ‘स्टिंग’ (Sting) कैफीनेटेड बेवरेज की 2,950 बोतलें सीज (जब्त) की हैं।

‘एनर्जी ड्रिंक’ लिखना और बेचना नियमों के खिलाफ

यह कार्रवाई ड्रिंक को ‘एनर्जी ड्रिंक’ और ‘स्पोर्ट्स ड्रिंक’ के रूप में भ्रामक प्रचार कर बेचने के कारण की गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के नियमों के मुताबिक, अत्यधिक कैफीन वाले ड्रिंक्स पर “एनर्जी ड्रिंक”, “स्पोर्ट्स ड्रिंक” या शरीर व दिमाग को ऊर्जा देने वाले भ्रामक दावों का इस्तेमाल प्रतिबंधित है।

अजमेर लैब की रिपोर्ट पर टिकी नजरें

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सीज किए गए स्टॉक में से सैंपल लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए अजमेर की सरकारी प्रयोगशाला (State Lab) भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि लैब रिपोर्ट आने के बाद विक्रेता और कंपनी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सेहत के लिए चेतावनी

खाद्य सुरक्षा अधिकारी अशोक यादव ने जनता को सावधान करते हुए कहा कि अत्यधिक कैफीन वाले पेय पदार्थ सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं। विशेष रूप से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और नवजात को दूध पिलाने वाली माताओं को इन प्रोडक्ट्स से पूरी तरह दूर रहना चाहिए। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे कोई भी ड्रिंक या खाद्य पदार्थ खरीदने से पहले उस पर लिखे लेबल और चेतावनी को ध्यान से जरूर पढ़ें।

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