जयपुर: सरकारी नौकरी और संपत्ति के लालच में बेटी ने करवाई मां की सुपारी किलिंग

₹7 लाख की सुपारी, तीन बार कोशिश, तंत्र-मंत्र और आखिर में स्कॉर्पियो से कुचलकर ली जान — जयपुर का सबसे खौफनाक हत्याकांड

राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। प्रताप नगर इलाके में 3 जुलाई 2026 की शाम एक 23 साल की बेटी ने अपनी ही 45 साल की विधवा मां की सुपारी देकर हत्या करवा दी। वजह? सरकारी नौकरी और करोड़ों रुपये की पारिवारिक संपत्ति। शुरुआत में पुलिस को यह एक साधारण हिट-एंड-रन हादसा लगा, लेकिन CCTV फुटेज और गहन जांच ने एक भयानक साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक मुख्य आरोपी अभी भी फरार है।

कौन थीं नीरज शर्मा?

नीरज शर्मा (45) जयपुर के प्रताप नगर स्थित रविन्द्र नगर की रहने वाली थीं। उनके पति विजय शर्मा राजस्थान हाईकोर्ट में लोअर डिवीज़न क्लर्क (LDC) थे। करीब डेढ़ साल पहले विजय शर्मा की मौत हो गई। पति की मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति के तहत लगभग 8 महीने पहले नीरज शर्मा को कोर्ट में LDC पद पर सरकारी नौकरी मिली। नीरज अपने 16 साल के दिव्यांग बेटे के साथ रहती थीं और कोशिश कर रही थीं कि परिवार किसी तरह आगे चले।

लेकिन उनकी अपनी बेटी ने ही उनके खिलाफ मौत की साजिश रच दी।

बेटी आयुषी: कैसे बदला रिश्ता?

आयुषी शर्मा (23) नीरज की बड़ी बेटी थी। नीरज के भाई राकेश शर्मा के अनुसार, आयुषी पहले अपनी मां के साथ ही रहती थी। लेकिन पिता विजय शर्मा की मौत के बाद आयुषी का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। वह मां का घर छोड़कर अपने ताऊ मोहन स्वरूप (56) के पास भरतपुर के सेवर गांव में रहने लगी।

राकेश शर्मा ने यह भी बताया कि आयुषी पहले भी अपनी मां से मारपीट कर चुकी थी। दोनों के बीच विवाद की जड़ में सरकारी नौकरी थी — आयुषी मानती थी कि पिता की जगह नौकरी उसे मिलनी चाहिए थी, न कि उसकी मां को। जब मां ने नौकरी ज्वाइन कर ली, तो बेटी ने ठान लिया कि मां को रास्ते से हटाकर वह नौकरी और संपत्ति दोनों हासिल करेगी।

₹7 लाख में बिकी मां की जान

आयुषी ने अकेले यह काम नहीं किया। उसने अपने ताऊ मोहन स्वरूप (56) और उसके बेटे बलराम उर्फ रवि को अपनी साजिश में शामिल किया। तीनों ने मिलकर भरतपुर के बयाना निवासी सुपारी किलर हेमंत शर्मा (20) से संपर्क किया।

डील साफ थी — “नीरज शर्मा की हत्या करनी है, ₹7 लाख रुपये मिलेंगे।”

हेमंत ने अपने 4 साथियों — आकाश शर्मा, मोहित शर्मा, अरविंद शर्मा और रोहित जाटव — को साथ लिया। पुलिस के अनुसार इस साजिश में नीरज के ससुराल वालों की भी भूमिका रही है।

तीन बार की कोशिश — तीसरी बार मिली “कामयाबी”

यह हत्या पहली बार में नहीं हुई। आरोपियों ने तीन बार कोशिश की:

पहली कोशिश — जून 2026

  • हेमंत ने बलराम की मदद से नीरज शर्मा की रेकी (निगरानी) की।
  • भरतपुर से एक थार गाड़ी रेंट पर ली गई।
  • लेकिन पैसे लेने के बाद भी वारदात को अंजाम नहीं दे सके।
  • कोशिश नाकाम रही।

दूसरी कोशिश — 27 जून 2026

  • आयुषी और उसके साथियों ने एक और खतरनाक कदम उठाया।
  • उन्होंने मां और दिव्यांग भाई दोनों को जिंदा जलाने की कोशिश की।
  • घर में ज्वलनशील पदार्थ फेंके गए।
  • लेकिन दोनों किसी तरह बच गए
  • इसी दौरान तंत्र-मंत्र भी करवाया गया (विवरण नीचे)।

तीसरी और अंतिम कोशिश — 3 जुलाई 2026

  • करीब एक महीने की दोबारा रेकी के बाद, 3 जुलाई की शाम को प्लान को अंजाम दिया गया।
  • नीरज शर्मा अपने दिव्यांग बेटे को कोचिंग छोड़कर घर लौट रही थीं।
  • तभी एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो SUV ने लगभग 130 किमी/घंटा की स्पीड से उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
  • टक्कर इतनी भयानक थी कि नीरज शर्मा का शरीर करीब 100 फीट दूर जा गिरा।
  • उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
  • हत्या को हिट-एंड-रन सड़क दुर्घटना का रूप दिया गया था।

तंत्र-मंत्र: CCTV में कैद हुई काली गुड़िया और नारियल

पुलिस ने नीरज शर्मा के घर का CCTV फुटेज जब्त किया है। ये फुटेज 27 जून के हैं — हत्या से ठीक 5 दिन पहले के।

  • फुटेज में दिखता है कि घर की सीढ़ियों पर एक काली गुड़िया और एक नारियल रखा गया।
  • नारियल पर पूजा में काम आने वाला सिंदूर और कलावा बंधा हुआ था।
  • इन सभी वस्तुओं को तंत्र-मंत्र कर जला दिया गया।
  • घर के बाहर नींबू-मिर्च फेंकने जैसे टोटके भी किए गए।

पुलिस का मानना है कि आरोपियों ने किसी तांत्रिक की सेवाएं ली थीं। अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि तंत्र-मंत्र के दौरान आयुषी के साथ कौन-कौन मौजूद था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि 27 जून से पहले भी ऐसी कोई गतिविधि हुई थी या नहीं।

पिता की मौत भी संदेह के घेरे में

नीरज के भाई राकेश शर्मा ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनके जीजा विजय शर्मा को ब्रेन हेमरेज हुआ था और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन अस्पताल से उन्हें समय से पहले घर ले जाया गया, जहां संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो गई।

राकेश शर्मा ने इस मामले में अलग से FIR दर्ज कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने ताऊ मोहन स्वरूप और उसके पूरे परिवार की भूमिका की जांच की भी मांग रखी है।

हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। जांच जारी है।

7 गिरफ्तार, 1 फरार — पूरी लिस्ट

#आरोपीउम्रभूमिका
1आयुषी शर्मा23मुख्य आरोपी — मृतका की बेटी, साजिश की मास्टरमाइंड
2मोहन स्वरूप56ताऊ — सेवर, भरतपुर — साजिश में बराबर का भागीदार
3हेमंत शर्मा20सुपारी किलर — बयाना, भरतपुर
4आकाश शर्मा23हेमंत का साथी — वारदात में शामिल
5मोहित शर्मा21हेमंत का साथी — वारदात में शामिल
6अरविंद शर्मा21हेमंत का साथी — वारदात में शामिल
7रोहित जाटव22गहनोली मोड़ — वारदात में शामिल

 बलराम उर्फ रवि — मोहन स्वरूप का बेटा और आयुषी का चचेरा भाई — अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

जांच में अब तक क्या-क्या सामने आया?

  • CCTV फुटेज ने साबित किया कि यह सड़क हादसा नहीं, बल्कि प्लांड मर्डर था।
  • पुलिस भरतपुर और जयपुर दोनों जगह आरोपियों के करीबियों से पूछताछ कर रही है।
  • नीरज शर्मा के नाम पर आगरा रोड और भरतपुर में करोड़ों की जमीन भी थी — यह भी साजिश की एक बड़ी वजह बताई जा रही है।
  • तांत्रिक की पहचान और उससे आरोपियों के संबंध की जांच अभी जारी है।
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