मावली। नगर के चौराहे पर राहगीरों और यात्रियों की प्यास बुझाने के लिए लगाई गई पनघट योजना की पानी की टंकी लंबे समय से सफाई के अभाव में गंदगी से अटी पड़ी होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब एक साल तक नगर पालिका की ओर से टंकी की सफाई नहीं करवाई गई।
टंकी की स्थिति खराब होने के बाद आखिरकार आसपास के ग्रामीणों ने खुद पहल करते हुए इसकी सफाई करवाई। सफाई के दौरान टंकी से भारी मात्रा में गंदगी निकलने की बात सामने आई। ग्रामीणों का कहना है कि जिस टंकी का पानी राहगीर और यात्री पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं, उसकी नियमित सफाई बेहद जरूरी है।

नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि नगर पालिका की लापरवाही के कारण उन्हें खुद टंकी की सफाई की जिम्मेदारी उठानी पड़ी। एक तरफ नगर में सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों पर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा के रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
टंकी की नियमित सफाई नहीं होने से दूषित पानी पीने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में ग्रामीणों ने नगर पालिका से टंकी की नियमित सफाई, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था और जिम्मेदार कर्मचारियों की निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि पनघट योजना जैसी सार्वजनिक पेयजल सुविधा की लंबे समय तक सफाई क्यों नहीं हुई और इसकी जिम्मेदारी किसकी है।
