फेल अभ्यर्थियों को पास किया, 38 सरकारी नौकरी लगे:पैसे लेकर 68 के 138 नंबर कर दिए; 5 गिरफ्तार, 60 लाख रुपए जब्त

स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए OMR शीट में नंबर बढ़ाने वाली गैंग का खुलासा किया है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) के तकनीकी प्रमुख सहित 5 लोगों को एसओजी ने अरेस्ट किया है। जो तीन भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा कर 38 अभ्यर्थियों की सरकारी नौकरी लगा चुके हैं। टीम ने दो आरोपियों के पास से 60 लाख रुपए और डॉक्यूमेंट जब्त किए।

एडीजी (एसओजी) विशाल बंसल ने बताया- मामले में संजय माथुर, प्रवीण गंगवाल, शादान खान, विनोद कुमार गौड़ और पूनम माथुर को अरेस्ट किया है।

संजय माथुर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर का तत्कालीन उपनिदेशक (सिस्टम एनालिस्ट) है। प्रवीण गंगवाल राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर में प्रोग्रामर है। दोनों आरोपी पूरी OMR शीट्स की स्कैनिंग और रिजल्ट तैयार करने की प्रक्रिया के प्रभारी थे।

इन दोनों ने आउटसोर्स फर्म के कर्मचारी शादान खान और विनोद कुमार गौड़ के साथ मिलीभगत की। अपने परिचित अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाने और लाखों रुपए कमाने के लिए तीन भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा कर बड़ी संख्या में अभ्यार्थियों की गवर्नमेंट जॉब लगावाई।

इस मामले में अभ्यर्थी पूनम माथुर को भी अरेस्ट किया गया है। पूनम के 63 अंक आए थे, जबकि OMR में फर्जीवाड़ा कर परीक्षा परिणाम में 182 अंक दिखाए गए।DIG परिस देशमुख ने बताया- राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से सुपरवाइजर (महिला अधिकारिता) सीधी भर्ती परीक्षा-2018, प्रयोगशाला सहायक भर्ती परीक्षा-2018 और कृषि पर्यवेक्षक भर्ती परीक्षा-2018 आयोजित की गई थी। इन तीनों भर्ती परीक्षाओं में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा किया गया।

इन तीनों भर्ती परीक्षाओं में कुल 3212 पदों के लिए 9 लाख 40 हजार 38 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। साल 2019 में परीक्षा आयोजित हुई थी। परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए OMR शीट्स की स्कैनिंग और डाटा प्रोसेसिंग का गोपनीय काम आउटसोर्स फर्म राभव लिमिटेड, नई दिल्ली को सौंपा गया था।

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