
बाड़मेर की राजनीति में एक बार फिर हलचल मच गई है। शिव विधायक और प्रदेश के चर्चित युवा नेता रविंद्र सिंह भाटी की सुरक्षा में बड़ी कटौती कर दी गई है। पुलिस प्रशासन ने उनकी सुरक्षा में तैनात 4 में से 3 पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स (PSO) को वापस बुला लिया है। इस फैसले के बाद सीमावर्ती जिले में सियासी तापमान बढ़ गया है।
क्या है मामला
रविंद्र सिंह भाटी को मार्च 2025 में जान से मारने की धमकियों और इंटेलिजेंस इनपुट्स के बाद 4 सुरक्षाकर्मी दिए गए थे। इनमें दो कमांडो और दो पुलिसकर्मी शामिल थे। अब नए आदेश के तहत भाटी के पास सिर्फ एक PSO रहेगा।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह फैसला ADG इंटेलिजेंस की ओर से जनप्रतिनिधियों की सुरक्षा समीक्षा के बाद लिया गया है।
भाटी ने लगाया राजनीतिक साजिश का आरोप
सुरक्षा हटाए जाने के फैसले पर विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि आदेश बैकडेट में जारी किए गए हैं और यह सब उन्हें कमजोर करने की कोशिश है।
भाटी ने कहा कि यह राजनीतिक षड्यंत्र है, लेकिन ऐसे कदम उनके हौसले नहीं तोड़ सकते। उन्होंने दावा किया कि जनता की आवाज वे पहले से ज्यादा मजबूती से उठाते रहेंगे।
पुलिस ने आरोपों को किया खारिज
बाड़मेर एसपी चूनाराम जाट ने विधायक के आरोपों को नकारते हुए कहा कि सुरक्षा समीक्षा राज्य स्तर पर की गई थी और 13 अप्रैल को आदेश जारी कर दिए गए थे। सुरक्षाकर्मियों ने 14 अप्रैल को पुलिस लाइन में आमद भी दे दी थी।
एसपी ने यह भी बताया कि विधायक की मांग पर एक PSO को बदलकर उनकी पसंद का सुरक्षाकर्मी लगाया गया है। इसलिए बैकडेट का आरोप बेबुनियाद है।
क्यों बढ़ी चर्चा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ सुरक्षा में बदलाव का मामला नहीं, बल्कि संदेश की राजनीति भी है। भाटी ने इसे षड्यंत्र बताकर अपने समर्थकों के बीच यह संदेश देने की कोशिश की है कि उनका बढ़ता प्रभाव कुछ लोगों को असहज कर रहा है।
रविंद्र सिंह भाटी की सुरक्षा पहले भी धमकियों और खुफिया इनपुट्स को लेकर चर्चा में रही है।
