
चित्तौड़गढ़ में संगठन के अंदरूनी विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। विद्या प्रचारिणी सभा के प्रधान संरक्षक और नाथद्वारा विधायक विश्वराजसिंह मेवाड़ की ओर से गठित एडहॉक कमेटी ने सभा सदस्य और चित्तौड़गढ़ के पूर्व जिला प्रमुख भेरू सिंह चौहान के खिलाफ भूपालपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भेरू सिंह चौहान ने प्रधान संरक्षक के खिलाफ अभद्र और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। साथ ही समिति के एक सदस्य अधिवक्ता के लिए भी अशोभनीय शब्दों का इस्तेमाल किया गया। कमेटी का कहना है कि इस तरह के बयान जानबूझकर माहौल बिगाड़ने और कानून व्यवस्था प्रभावित करने की मंशा से दिए गए।
एडहॉक कमेटी ने चौहान के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
तीन दिन पहले भेरू सिंह चौहान ने सभा और एडहॉक कमेटी को लेकर तीखे बयान दिए थे। उन्होंने कहा था कि संस्था की संपत्ति शिक्षा कार्यों के लिए दान की गई थी और वर्तमान हालात संस्था की गरिमा के खिलाफ हैं। उन्होंने एडहॉक कमेटी को अवैध बताते हुए इसका विरोध किया था।
दरअसल, विवाद की शुरुआत 54 नए सदस्यों को जोड़ने के मुद्दे से हुई थी। वर्तमान प्रबंधन का कार्यकाल 12 फरवरी 2026 को समाप्त हो चुका था, जिसके बाद चुनाव होने थे। इसी बीच नए सदस्यों की एंट्री को लेकर परिवारवाद के आरोप लगे और मामला कोर्ट पहुंच गया।
कोर्ट ने अपने आदेश में प्रधान संरक्षक एवं अध्यक्ष विश्वराजसिंह मेवाड़ को निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र बताया था। इसके बाद 3 सदस्यीय एडहॉक कमेटी बनाई गई, जिसे ऑडिट और प्रशासनिक जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बाद में 12 अप्रैल को इसमें 8 और सदस्य जोड़े गए।
अब शिकायत दर्ज होने के बाद संगठन के भीतर एडहॉक कमेटी और पूर्व कार्यकारिणी के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
