Nitish Kumar: ‘जनता को धोखे में रखकर राज्यसभा जा रहे’, नीतीश कुमार की ‘पाला बदल’ राजनीति पर सचिन पायलट का तंज

जयपुर: बिहार की सियासत में आए भूचाल और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। राजस्थान कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने इस घटनाक्रम पर तीखा हमला बोला है। जयपुर में मीडिया से मुखातिब होते हुए पायलट ने नीतीश कुमार के इस कदम को जनता के साथ ‘बड़ा धोखा’ करार दिया।

‘छह महीने पहले बताते तो नतीजे कुछ और होते’

सचिन पायलट ने नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह फैसला लोकतांत्रिक नैतिकता के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जो कुछ भी हो रहा है, वह बिहार की जनता को अंधेरे में रखकर किया गया है। अगर नीतीश कुमार ने छह महीने पहले विधानसभा चुनाव के दौरान यह साफ कर दिया होता कि उन्हें राज्यसभा जाना है, तो शायद बिहार चुनाव के परिणाम आज कुछ और ही होते।

जनता ने नीतीश के चेहरे पर वोट दिया और उन्हें मुख्यमंत्री चुना, लेकिन अब वे बीच राह में जिम्मेदारी छोड़कर दिल्ली की राह पकड़ रहे हैं।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट

दबाव की राजनीति या अपनी मर्जी?

नीतीश कुमार के बार-बार पाला बदलने के इतिहास पर चुटकी लेते हुए पायलट ने कहा कि नीतीश का मन कब बदल जाए, कोई नहीं जानता। उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि-

  • क्या नीतीश कुमार यह फैसला अपनी मर्जी से ले रहे हैं या ‘मन मारकर’ कर रहे हैं?
  • क्या उन पर किसी प्रकार का दबाव है?
  • बिहार की सत्ता अब किसके हाथ में होगी?

पायलट बोले- नीतीश कभी इस पाले में, कभी उस पाले में

पायलट ने आशंका जताई कि नीतीश के दिल्ली जाने के बा दभारतीय जनता पार्टी एक बार फिर बिहार में दबाव बनाकर सत्ता हथियाने की कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि कभी इस पाले में, कभी उस पाले में, अब वह दिल्ली आ रहे हैं, तो बिहार का भविष्य क्या होगा, यह चिंता का विषय है।

ईरानी नौसैनिक पोत मामले पर सरकार की ‘चुप्पी’ पर उठाए सवाल

बिहार की राजनीति के अलावा, सचिन पायलट ने सामरिक सुरक्षा के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार को घेरा। ईरानी नौसैनिक पोत ‘आईरिस देना’ के ध्वस्त होने के मामले में उन्होंने भारत सरकार की खामोशी पर नाराजगी जताई। पायलट ने कहा कि जो पोत भारत के इतने करीब ध्वस्त हुआ है और हमारे सैन्य अभियान का हिस्सा बनने आया था, उस पर विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय की चुप्पी समझ से परे है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया भारत की इस खामोशी को देख रही है, जो देश के रणनीतिक हितों के लिए सही नहीं है।

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