
चित्तौड़गढ़-उदयपुर नेशनल हाईवे पर गुरुवार रात एक ऐसा मंजर देखने को मिला जिसने देखने वालों की रूह कंपा दी। उदयपुर में एक शादी समारोह की खुशियां मनाकर लौट रहा बिजनेसमैन का परिवार काल के गाल में समा गया। नरबदिया गांव के पास रात करीब 2 बजे एक बेसहारा जानवर को बचाने की कोशिश में तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर लांघ गई और सामने से आ रहे एक भारी-भरकम ट्रेलर में जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार लोहे का ढेर बन गई और ट्रेलर में बुरी तरह फंस गई। इस हृदयविदारक हादसे में चित्तौड़गढ़ के प्रतिष्ठित बिजनेसमैन रिंकेश नानवानी, उनकी पत्नी सुहानी, चाची रजनी और फूफा हीरानंद लालवानी की दर्दनाक मौत हो गई। कुदरत का करिश्मा ही था कि इस भीषण टक्कर के बावजूद रिंकेश का 6 साल का मासूम बेटा वैभव चमत्कारिक रूप से बच गया, जो अब इस उजड़े हुए परिवार की इकलौती निशानी रह गया है।
हादसे के बाद का दृश्य इतना भयावह था कि पुलिस और बचाव दल को शवों को निकालने के लिए क्रेन और कटर की मदद लेनी पड़ी। कार के गेट काटकर करीब दो घंटे की भारी मशक्कत के बाद फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला जा सका। आगे की सीट पर बैठे पति-पत्नी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, वहीं पीछे बैठे रिश्तेदारों की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। मासूम वैभव फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में है और सुरक्षित है, लेकिन उसे शायद यह भी नहीं पता कि एक पल में उसके सिर से माता-पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया है।
मृतकों में रिंकेश के फूफा हीरानंद खास तौर पर इंदौर से आए थे और उन्हें शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ से ही ट्रेन पकड़नी थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। रिंकेश चित्तौड़गढ़ में फुटवियर और जनरल स्टोर चलाते थे और शहर में काफी मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते थे। इस दुखद खबर के फैलते ही पूरे मधुबन और प्रतापनगर इलाके में सन्नाटा पसर गया है। पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया है और ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है। हाईवे पर एक मासूम जानवर को बचाने की कोशिश ने एक भरे-पूरे परिवार का अंत कर दिया, जिससे अब हर आंख नम है और हर दिल इस भारी क्षति से दुखी है।
