‘उदयपुर फाइल्स’ में आरोपी को हाईकोर्ट से जमानत, करीब 7 महीने बाद जेल से रिहाई का आदेश

उदयपुर। भाजपा की महिला नेता से जुड़े चर्चित कथित वीडियो कांड ‘उदयपुर फाइल्स’ मामले में करीब सात महीने से जेल में बंद आरोपी को जोधपुर हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। कोर्ट ने आरोपी की रिहाई के आदेश दिए हैं। जमानत के बाद मामले की जांच और पुलिस की कार्रवाई एक बार फिर चर्चा में है।

मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने पुलिस की जांच और शिकायत में लगाए गए आरोपों को लेकर कई सवाल उठाए। बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में दलील दी कि शुरुआती शिकायत में लगाए गए आरोप और बाद में पुलिस को दिए गए बयानों में अंतर है। वकील के मुताबिक, शुरुआत में जबरन वसूली जैसे गंभीर आरोप नहीं लगाए गए थे, जबकि बाद के सप्लीमेंट्री बयान में इन आरोपों को शामिल किया गया।

बचाव पक्ष ने जांच के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन और स्पाई कैमरे के मेमोरी कार्ड का भी हवाला दिया। कोर्ट में दलील दी गई कि इन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए घटनाक्रम की पुष्टि करने वाला कोई आपत्तिजनक वीडियो नहीं मिला।

बचाव पक्ष के अनुसार, रिकवरी के दौरान मिले वीडियो में भी शिकायत में बताए गए घटनाक्रम से अलग स्थिति दिखाई देती है। इन दलीलों के आधार पर आरोपी की ओर से जमानत की मांग की गई।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जोधपुर हाईकोर्ट ने मामले के तथ्यों और जांच रिकॉर्ड पर विचार किया और आरोपी को जमानत दे दी। कोर्ट के आदेश के बाद अब आरोपी की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।

हालांकि, जमानत मिलना मामले में आरोपी के दोषी या निर्दोष होने का अंतिम फैसला नहीं है। मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।

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