सीकर नगर परिषद चुनाव में बवाल, 23 गिरफ्तार; पूर्व सभापति जीवण खां समेत कई पर केस

सीकर। नगर परिषद चुनाव के दौरान माहौल बिगाड़ने और विवाद करने के आरोप में पुलिस ने 23 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को शनिवार को सीकर एसडीएम के सामने पेश किया गया। वहीं, वार्ड 15 के मतदान केंद्र पर हुए विवाद और मारपीट के मामले में पूर्व सभापति एवं कांग्रेस प्रत्याशी जीवण खां, उनके रिश्तेदारों और समर्थकों के खिलाफ कोतवाली थाने में दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार चुनाव के दौरान अलग-अलग स्थानों पर विवाद और न्यूसेंस फैलाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने कुछ आरोपियों के वाहनों को भी जब्त किया है और अन्य फरार लोगों की तलाश जारी है।

वार्ड 15 में फर्जी मतदान के आरोप को लेकर विवाद

वार्ड 15 के बूथ पर हुए विवाद को लेकर भाजपा प्रत्याशी सिमरन ने पूर्व सभापति एवं कांग्रेस प्रत्याशी जीवण खां सहित कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। शिकायत में जीवण खां के दामाद सद्दाम, मोहसीन, पीरा, नदीम गौरी, भतीजे आरिफ खान समेत अन्य लोगों के नाम शामिल बताए गए हैं।

सिमरन के अनुसार शाम करीब 5 बजे उन्हें मतदान केंद्र पर फर्जी मतदान की जानकारी मिली थी। उन्होंने इसका विरोध किया। आरोप है कि इसी दौरान विवाद बढ़ गया और उनके साथ तथा उनके पति अयूब के साथ मारपीट की गई। सिमरन ने आरोप लगाया कि उनके बाल पकड़कर खींचे गए।

मामले की जांच सब इंस्पेक्टर प्रदीप द्वारा की जा रही है।

मीडिया कर्मी से मारपीट और कैमरा तोड़ने का आरोप

दूसरा मामला मीडिया कर्मी सुभाष की ओर से दर्ज करवाया गया है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जीवण खां और उनके साथ मौजूद लोगों ने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और उनके साथ लात-घूंसों से मारपीट की।

शिकायत के अनुसार इस दौरान मीडिया कर्मी का कैमरा तोड़ दिया गया और कैमरे से मेमोरी कार्ड भी निकाल लिया गया। इस मामले की जांच एससी/एसटी सेल के नीरज मेवानी कर रहे हैं।

पुलिस ने वाहनों को भी किया जब्त

चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बिगाड़ने और न्यूसेंस फैलाने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ वाहनों को भी जब्त किया है। पुलिस का कहना है कि मामले में जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

चुनाव के दौरान वार्ड 15 में हुए विवाद के बाद दर्ज हुए मामलों ने सीकर की चुनावी राजनीति को गरमा दिया है। अब पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम और आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

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