कानोड़ में मतदान से पहले BJP-कांग्रेस की बाड़ाबंदी, प्रत्याशियों को अलग-अलग जगहों पर किया एकत्रित

कानोड़। नगरपालिका चुनाव में मतदान प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने प्रत्याशियों को सुरक्षित रखने की कवायद शुरू कर दी। शुक्रवार को मतदान के दौरान ही दोनों प्रमुख दलों ने प्रत्याशियों को मतदान केंद्रों से एकत्रित करना शुरू कर दिया। इसके बाद प्रत्याशियों को अलग-अलग वाहनों से बाड़ाबंदी के लिए रवाना किया गया।

कांग्रेस ने चार कारों से प्रत्याशियों को उदयपुर भेजा

कांग्रेस ने मतदान समाप्ति से पहले ही अपने प्रत्याशियों को मतदान केंद्रों से एकत्रित किया। पूर्व विधायक वल्लभनगर प्रीति गजेन्द्र सिंह शक्तावत की ओर से प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी की व्यवस्था की गई। कांग्रेस के प्रत्याशियों को चार कारों में उदयपुर की ओर रवाना किया गया।

पार्टी की ओर से मतदान के बाद होने वाली संभावित राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए प्रत्याशियों को एकजुट रखने की रणनीति अपनाई गई है। प्रत्याशियों को एक साथ रखने के पीछे चुनाव परिणाम से पहले किसी भी तरह की राजनीतिक उठापटक से बचने की कोशिश मानी जा रही है।

भाजपा में दो जगहों पर प्रत्याशी हुए एकत्रित

वहीं भाजपा में प्रत्याशियों को एकत्रित करने की प्रक्रिया दो अलग-अलग स्थानों पर देखने को मिली। विधायक उदयलाल डांगी और पूर्व विधायक वल्लभनगर रणधीर सिंह भीण्डर ने अपने-अपने स्तर पर प्रत्याशियों को एकत्रित किया।

इस बीच भाजपा देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली ने पूर्व विधायक रणधीर सिंह भीण्डर से मुलाकात की और प्रत्याशियों को एक स्थान पर लाने को लेकर चर्चा की। इसके बाद प्रत्याशियों को भाजपा कार्यालय ले जाया गया।

संगठन ने दोनों समूहों को एक साथ लाने की कोशिश की

भाजपा संगठन की ओर से दोनों स्थानों पर मौजूद प्रत्याशियों को एक साथ बाड़ाबंदी में ले जाने का प्रयास किया गया। भाजपा कार्यालय पहुंचने के बाद सभी प्रत्याशियों को विधायक उदयलाल डांगी के साथ वाहनों से बाड़ाबंदी के लिए रवाना किया गया।

परिणाम से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज

कानोड़ नगरपालिका के 20 वार्डों में मतदान के बाद अब भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दल अपने प्रत्याशियों को सुरक्षित रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। मतदान समाप्ति से पहले ही शुरू हुई प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी ने स्थानीय राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।

अब नजरें चुनाव परिणाम पर टिकी हैं। मतगणना के बाद ही स्पष्ट होगा कि कानोड़ नगरपालिका में किस दल को बहुमत मिलता है और बोर्ड बनाने की स्थिति किसके पक्ष में बनती है।

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