उदयपुर में गो माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाने की मांग पर सड़कों पर उतरे गो भक्त

संतों-गौ भक्तों का कलेक्ट्रेट पर विशाल प्रदर्शन

उदयपुर में गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने और देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर संत-महंतों, गौ सेवकों ने टाउनहॉल से कलेक्ट्रेट तक विशाल रैली निकाली। कलेक्ट्री पर जमकर नारेबाजी करते हुए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर गौ संरक्षण के लिए तत्काल सख्त कानून बनाने की मांग की। गौ माता आहवान अभियान के बैनर तले तहत संत-महंतों, गौ सेवकों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने टाउनहॉल से जिला कलेक्ट्रेट तक विशाल रैली निकालकर गौ माता के सम्मान और संरक्षण की मांग बुलंद की। रैली में शामिल लोगों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर “गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दो” और “गौ हत्या बंद करो” जैसे नारे लगाए। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर जोरदार प्रदर्शन किया और एडीएम सिटी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। अभियान के संयोजक हार्दिक मेनारिया ने कहा कि देशभर में गौ भक्त शांतिपूर्ण तरीके से सरकार से हाथ जोड़कर निवेदन कर रहे हैं कि गौ माता को सम्मानजनक दर्जा दिया जाए। उनका कहना था कि यदि गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा मिलेगा तो गौ हत्या पर प्रभावी रोक लगेगी, सड़कों पर बेसहारा घूम रहे गौवंश की स्थिति सुधरेगी और उनके संरक्षण के लिए मजबूत व्यवस्था बन सकेगी।
इस दौरान संत-महंतों ने कहा कि भारतीय संस्कृति में गौ माता को पूजनीय माना गया है। उन्होंने कहा कि “हम सभी अपनी माता और गौ माता का दूध पीकर बड़े हुए हैं। आज भी देश में गौ हत्या होना सनातन समाज की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाता है।” संतों ने सरकार से अविलंब गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गौ संरक्षण के लिए सख्त कानून लागू करने की मांग की। संतों ने यह भी कहा कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो देशभर के सनातन धर्मावलंबी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और व्यापक रूप देंगे। उन्होंने कहा कि आज उदयपुर के गौ सेवकों की ओर से जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर गौ हत्या पर तत्काल रोक लगाने और गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग की गई है।

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