जिन स्कूलों का रिजल्ट खराब, वहां से टीचरों को भगाओ

राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने कैबिनेट मंत्री से कहा

उदयपुर। पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने आदिवासी अंचलों में सरकारी स्कूलों के खराब प्रदर्शन पर गहरी नाराजगी जताई है। उदयपुर के टाउनहॉल में आयोजित सुंदर सिंह भंडारी चैरिटेबल ट्रस्ट के सम्मान समारोह में कटारिया ने भरे मंच से जनजाति विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी की ओर इशारा करते हुए दो टूक कहा— “मंत्री महोदय, यह क्या हो रहा है? हमारा टीचर क्या कर रहा है? जहां-जहां भी स्कूलों में रिजल्ट खराब है, वहां से उन्हें भगाओ।” राज्यपाल की इस बेबाक टिप्पणी पर एक बार तो कार्यक्रम में सन्नाटा छा गया, लेकिन बाद में सभी हंसने लगे।
झाड़ोल के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता दरअसल, कटारिया समारोह में उन मेधावी छात्र-छात्राओं के आंकड़े बता रहे थे जिन्होंने सरकारी स्कूलों में 90% से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वल्लभनगर विधानसभा से 107 बच्चे सम्मानित हो रहे हैं, जबकि झाड़ोल जैसे आदिवासी क्षेत्र से सिर्फ 2 बच्चे ही सूची में हैं। इसी बात पर उन्होंने शिक्षकों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और मंत्री खराड़ी से सख्त एक्शन लेने की बात कही। 390 छात्र और 33 संस्था प्रधान सम्मानित समारोह में राज्यपाल कटारिया, यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा और अन्य अतिथियों ने कुल 390 मेधावी विद्यार्थियों और 33 संस्था प्रधानों को सम्मानित किया। कटारिया ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा की “आज भी गांवों में समर्पित शिक्षक हैं और सरकारी स्कूलों के बच्चे 99% तक नंबर ला रहे हैं। विशेषकर आदिवासी बेटियां जिस तरह आगे बढ़ रही हैं, वह गर्व की बात है।” उन्होंने इन बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। यूडीएच मंत्री ने दिया राष्ट्र सेवा का संदेश कार्यक्रम में मौजूद यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा प्रणाली को बेहतर करने के लिए पाठ्यक्रम में आवश्यक सुधार कर रही है। उन्होंने युवाओं से अच्छी शिक्षा प्राप्त कर राष्ट्र सेवा में योगदान देने का आह्वान किया। वीआईपी एंट्री को लेकर भड़के कर्मचारी नेता समारोह के बाद एक विवाद भी सामने आया। टाउनहॉल में भोजन के समय वीआईपी एरिया में प्रवेश को लेकर कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और आयोजकों के बीच तीखी बहस हो गई। कर्मचारी नेता कमल बाबेल और अन्य पदाधिकारियों को जब अंदर जाने से टोका गया, तो उन्होंने इसका कड़ा विरोध जताया और करीब एक दर्जन लोग नाराज होकर वहां से चले गए। कार्यक्रम में सांसद मन्नालाल रावत, विधायक ताराचंद जैन, फूलसिंह मीणा, शांता मीणा, प्रताप गमेती, उदयलाल डांगी और पूर्व यूआईटी चेयरमैन रविंद्र श्रीमाली सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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