वेनेजुएला में 60 सेकंड में 2 शक्तिशाली भूकंप: 7.2 और 7.5 तीव्रता के झटकों से भारी तबाही; 32 की मौत, 10 हजार लोगों के मारे जाने की आशंका

कराकस (वेनेजुएला)। वेनेजुएला में बुधवार शाम (भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह) 60 सेकंड के भीतर आए दो लगातार और बेहद शक्तिशाली भूकंपों ने तबाही मचा दी है। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, इन भूकंपों की तीव्रता रिएक्टर स्केल पर 7.2 और 7.5 मापी गई है। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में अब तक 32 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 700 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मलबे के नीचे दबे लोगों की बड़ी संख्या को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि मृतकों का आंकड़ा 10,000 तक पहुँच सकता है।


तीव्रता: 60 सेकंड के भीतर 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो लगातार झटके।

  • प्रभावित क्षेत्र: तटीय राज्य ‘ला गुआइरा’ (La Guaira) को डिजास्टर जोन घोषित किया गया है; राजधानी कराकस (Caracas) में भी भारी नुकसान।
  • जान-माल का नुकसान: 32 मौतें (कराकस में 3 मौतें), 700 से अधिक घायल, कई बहुमंजिला इमारतें जमींदोज।
  • बुनियादी ढांचा ठप: राजधानी में बिजली गुल, मेट्रो और ट्रेन सेवाएं बंद, पानी की पाइपलाइनें फटने से सड़कों पर पानी भरा।
  • वैश्विक मदद: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और दक्षिण अमेरिका के 8 देशों ने हरसंभव सहायता की घोषणा की।

तबाही का मंजर: कराकस में ब्लैकआउट, गैस सप्लाई रोकी गई

भूकंप के झटके इतने तेज थे कि राजधानी कराकस की अधिकांश इमारतों में दरारें आ गईं और कई घर ढह गए। भूकंप के तुरंत बाद एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाकों में गैस और बिजली की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी गई है ताकि गैस रिसाव या विस्फोट जैसी घटनाएं न हों।

सड़कों पर पानी की पाइपलाइनें फटने से पानी भर गया है। बिजली गुल होने की वजह से राहत कर्मियों को अंधेरे में टॉर्च की रोशनी में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना पड़ रहा है। कराकस और पड़ोसी मिरांडा राज्य में मेट्रो और ट्रेन सेवाओं को भी बंद कर दिया गया है।

रेस्क्यू ऑपरेशन: मलबे से 3 बच्चों को जिंदा निकाला गया

आपदा के बीच राहत देने वाली खबरें भी आ रही हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित तटीय राज्य ला गुआइरा में एक ढही हुई इमारत के मलबे से बचाव दल ने तीन बच्चों को सुरक्षित जिंदा बाहर निकाला है। अब तक 18 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। वर्तमान में 500 से अधिक रेस्क्यू वर्कर्स मलबे में जिंदगी तलाशने में जुटे हैं। ला गुआइरा में ही कम से कम 15 बड़ी इमारतें पूरी तरह से ढह चुकी हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय मदद के लिए आगे आया

  • भारत की ओर से: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने X (ट्विटर) पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है और हरसंभव मदद देने के लिए तैयार है।
  • अमेरिका की ओर से: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला की मदद के लिए पूरी तरह तैयार है और अमेरिकी एजेंसियों को त्वरित सहायता भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
  • पड़ोसी देश: दक्षिण अमेरिका के 8 देशों (ब्राजील, अर्जेंटीना, पेरू, मेक्सिको, कोलंबिया, बोलीविया, कोस्टा रिका और एल सल्वाडोर) ने रेस्क्यू टीमें और मानवीय सहायता भेजने की पेशकश की है।

राष्ट्रपति की अपील और ‘वेनएप’ (VenApp) पर विवाद

वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने लोगों से अपील की है कि वे लापता लोगों और क्षतिग्रस्त घरों की जानकारी सरकार के आधिकारिक ‘वेनएप’ (VenApp) पर दें। गौरतलब है कि यह ऐप पहले सरकार विरोधी आंदोलनों पर निगरानी रखने को लेकर विवादों में रहा है और इसे गूगल व एप्पल स्टोर से भी हटाया जा चुका है।

उधर, विपक्षी नेता एडमंडो गोंजालेज उरुतिया ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासन के पास इतनी बड़ी आपदा से निपटने की पर्याप्त व्यवस्था और क्षमता नहीं है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय मदद की तुरंत जरूरत है।

भूकंप आने की वैज्ञानिक वजह

अमेरिकी भूवैज्ञानिकों (USGS) के अनुसार, वेनेजुएला भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। यहाँ कैरीबियन प्लेट और साउथ अमेरिकन प्लेट आपस में मिलती हैं। फॉल्ट लाइन (दरार) के अचानक हॉरिजॉन्टिली खिसकने की वजह से यह भारी कंपन उत्पन्न हुआ। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में अभी और भी तीव्र ‘आफ्टरशॉक्स’ (भूकंप के बाद के झटके) आ सकते हैं, जो कमजोर हो चुकी इमारतों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं।

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