उदयपुर में रचा गया जैन इतिहास, भव्यता के साथ संपन्न हुआ जैन आइकन अवॉर्ड 2026

उदयपुर, 17 अगस्त। उदयपुर की धरती पर 14 से 16 अगस्त तक आयोजित जैन आइकन अवॉर्ड 2026 का तृतीय एवं अंतिम दिवस भव्य एवं ऐतिहासिक समारोह के साथ संपन्न हुआ। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में जैन धर्म, जिनशासन, युवा शक्ति, डिजिटल क्रिएटिविटी, इतिहास, संस्कृति एवं धर्म प्रभावना का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम परमपूज्य श्रुतसंवेगी महाश्रमण मुनि आदित्य सागर जी महाराज ससंघ के पावन सान्निध्य में आयोजित किया गया।

आयोजन के संयोजक सुधीर चित्तौड़ा ने बताया कि अंतिम दिवस देशभर से पहुंचे 60 से अधिक जैन धर्मप्रभावक इन्फ्लुएंसर्स एवं कंटेंट क्रिएटर्स को सम्मानित किया गया। इन क्रिएटर्स द्वारा डिजिटल माध्यमों के जरिए जैन धर्म, नैतिकता, संस्कृति एवं सकारात्मक विचारों को समाज और देश-दुनिया तक पहुंचाने के प्रयासों को मंच से सम्मानित किया गया।

पांच विशिष्ट हस्तियों को मिला जैन आइडल अवॉर्ड

समारोह का प्रमुख आकर्षण जैन आइडल अवॉर्ड 2026 रहा। इसके तहत जैन इतिहास, पुरातत्व, प्राचीन विरासत, धर्म संरक्षण एवं समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली पांच विशिष्ट हस्तियों को सम्मानित किया गया।

सम्मानित व्यक्तित्वों में उदयपुर के मनीष जैन मलयकेतु, संजय सोनवणी, तमिलनाडु के रमेश कुमार, सलेख चंद्र जैन तथा कर्नल के डॉ. दास शामिल रहे। इन सभी ने जैन इतिहास एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, शोध, पुरातात्विक धरोहरों तथा जैन धर्म की ऐतिहासिक जड़ों को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं।

डॉ. प्रभाकिरण जैन रहीं मुख्य अतिथि

समारोह की मुख्य अतिथि प्रसिद्ध पुस्तक ‘भारत नामा’ की लेखिका डॉ. प्रभाकिरण जैन रहीं। उनके आगमन से कार्यक्रम को साहित्य, इतिहास एवं ज्ञान की विशेष गरिमा मिली।

कार्यक्रम में चेन्नई के इन्फ्लुएंसर एवं एआई मेंटर ऋषि जैन का भी विशेष आगमन हुआ। उनकी पत्नी तनीषा भंसाली भी समारोह में उपस्थित रहीं। ऋषि जैन ने उपस्थित इन्फ्लुएंसर्स एवं क्रिएटर्स को डिजिटल ग्रोथ तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में उपलब्ध नए अवसरों एवं संभावनाओं की जानकारी दी।

इसके अलावा नेमिराज जी को स्पेशल स्पीकर तथा नमन पचौरी, रिया कंठालिया एवं सिमरन जैन को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया।

महाराजा विश्वराज सिंह मेवाड़ के आगमन से बढ़ी समारोह की गरिमा

समारोह की भव्यता उस समय और बढ़ गई, जब उदयपुर के महाराजा विश्वराज सिंह जी मेवाड़ भी कार्यक्रम में पधारे। उनके आगमन को आयोजन का विशेष आकर्षण माना गया। इससे समारोह को ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण आयाम मिला।

युवाओं और धर्मप्रभावकों का हुआ विराट संगम

स्वरऋषि अनुराग जी जैन, इंदौर के संचालन में आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए युवाओं, इन्फ्लुएंसर्स एवं क्रिएटर्स की उल्लेखनीय भागीदारी रही। आयोजन के दौरान धर्म, संस्कृति और आधुनिक डिजिटल माध्यमों के बीच एक प्रभावी समन्वय देखने को मिला।

मुनिराज के पावन सान्निध्य में देशभर के धर्मप्रभावकों का एक मंच पर एकत्रित होना इस आयोजन की विशेष उपलब्धि रही। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि आधुनिक डिजिटल माध्यमों के जरिए जैन धर्म के सिद्धांतों, संस्कृति और सकारात्मक विचारों को नई पीढ़ी एवं वैश्विक समाज तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकता है।

समर्पित टीम के प्रयासों से साकार हुआ आयोजन

जैन आइकन अवॉर्ड 2026 का संपूर्ण संयोजन निरग्रंथ क्रिएशंस, इंदौर द्वारा किया गया। आयोजन के रचनात्मक एवं तकनीकी पक्ष में इंड्रॉयज डेवलपमेंट, जयपुर के अभिषेक जी जैन तथा ग्राफिक स्टूडियो, दिल्ली के सौरभ जी जैन का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

संयोजक सुधीर जी चित्तौड़ा ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं श्री आदिनाथ दिगंबर जैन चैरिटेबल ट्रस्ट एवं श्री विश्वध्यान वर्षायोग समिति 2026 की ओर से अशोक शाह एवं पारस चित्तौड़ा का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य प्रायोजक आदित्य माइंस, कोटा रहे। मुख्य संयोजक स्काई किंग आकाश जैन ने आयोजन की परिकल्पना, रूपरेखा, व्यवस्थाओं एवं क्रियान्वयन से लेकर इसके सफल समापन तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डिजिटल मीडिया का भी रहा विशेष सहयोग

आयोजन के मीडिया पार्टनर्स के रूप में अपना जैनिज्म तथा मुनि आदित्य सागर महाराज के इंस्टाग्राम एवं यूट्यूब चैनल का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आयोजन की गतिविधियों एवं जैन धर्म से जुड़े संदेशों को व्यापक स्तर तक पहुंचाया गया।

अगला जैन आइकन अवॉर्ड कहां होगा?

तीन दिनों तक चले जैन आइकन अवॉर्ड 2026 ने उदयपुर में एक नई मिसाल कायम की। आयोजन ने धर्म, युवा शक्ति, इतिहास, संस्कृति एवं डिजिटल प्रभावना को एक मंच पर लाकर जैन समाज के समक्ष नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।

अब इस सफल आयोजन के बाद सभी की निगाहें इस सवाल पर टिकी हैं कि अगला जैन आइकन अवॉर्ड किस शहर में आयोजित होगा? आयोजकों के अनुसार इसका इंतजार अब जैन समाज और युवाओं में उत्सुकता का विषय बन गया है।

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