जोधपुर में Tarang Shakti 2026: फ्रांस के जनरल बोले- भारतीय वायुसेना के अलग-अलग विमान से सीखने का मौका

जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर चल रहे बहुराष्ट्रीय वायु अभ्यास तरंग शक्ति-2026 में भारत समेत कई देशों की वायु सेनाएं संयुक्त प्रशिक्षण कर रही हैं। इस अभ्यास में अमेरिका, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, संयुक्त अरब अमीरात, श्रीलंका और बांग्लादेश की वायु सेनाएं भारतीय वायुसेना के साथ हिस्सा ले रही हैं।

फ्रांस के एयर डिफेंस एंड एयर ऑपरेशंस कमांड के डिप्टी कमांडर मेजर जनरल जूलियन सबेने ने अभ्यास को फ्रांस के PEGASE-26 मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि भारत आकर भारतीय वायुसेना के पास मौजूद अलग-अलग प्रकार के विमानों और उनके संचालन को समझने का अवसर मिला है।

40 हजार किलोमीटर की यात्रा के बाद भारत पहुंचा फ्रांसीसी दल

फ्रांस की PEGASE-26 मिशन के तहत उसके विमान हजारों किलोमीटर की दूरी तय करके भारत पहुंचे हैं। फ्रांसीसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार मिशन में करीब 300 एयरमैन, चार Rafale, तीन A330 MRTT और दो A400M विमान शामिल हैं और पूरा मिशन करीब 40 हजार किलोमीटर की लंबी तैनाती का हिस्सा है।

फ्रांसीसी दल ने जोधपुर में तरंग शक्ति अभ्यास में हिस्सा लिया है। फ्रांसीसी वायु एवं अंतरिक्ष बल के अनुसार अभ्यास में भारतीय और फ्रांसीसी विमानों के बीच Basic Fighter Manoeuvres और Air Combat Manoeuvring जैसी ट्रेनिंग गतिविधियां भी की जा रही हैं।

अमेरिका के F-35A भी पहली बार अभ्यास में

तरंग शक्ति-2026 में अमेरिकी वायुसेना के 6 F-35A Lightning II लड़ाकू विमान और एक KC-135R Stratotanker भी शामिल हैं। F-35A जापान के मिसावा एयर बेस की 13वीं फाइटर स्क्वाड्रन से और KC-135R जापान के काडेना एयर बेस की 909वीं एयर रिफ्यूलिंग स्क्वाड्रन से आया है।

अमेरिकी वायुसेना के मुताबिक अभ्यास में अलग-अलग देशों की वायु सेनाएं संयुक्त ट्रेनिंग कर रही हैं, जिसका उद्देश्य बहुराष्ट्रीय हवाई अभियानों की समझ और आपसी interoperability को बढ़ाना है।

एक साथ नजर आ रहे अलग-अलग देशों के फाइटर जेट

तरंग शक्ति-2026 में अलग-अलग देशों के लड़ाकू और सपोर्ट विमान एक साथ ऑपरेशन कर रहे हैं। भारतीय वायुसेना के अनुसार अभ्यास में विदेशी विमानों में F-35 Lightning II, Rafale, F-16, A400M, MRTT, C-130 और KC-30A जैसी क्षमताओं वाले विमान शामिल हैं।

यह अभ्यास 26 सितंबर से 12 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विभिन्न वायु सेनाओं के बीच संयुक्त अभियानों की क्षमता, अनुभव साझा करना और आपसी संचालन क्षमता को बेहतर करना है।

जोधपुर के आसमान में अलग-अलग देशों के आधुनिक लड़ाकू विमानों की गतिविधियों के चलते यह अभ्यास राजस्थान में रक्षा और विमानन क्षेत्र से जुड़ा प्रमुख आयोजन बना हुआ है।

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