उदयपुर। फतहनगर-सनवाड़ नगर पालिका में चेयरमैन पद के चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा के 13 और कांग्रेस के 12 पार्षद जीतने के बाद अध्यक्ष पद का मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। इसी बीच भाजपा पार्षद और पूर्व चेयरमैन राजेश चपलोत की पत्नी ममता चपलोत के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरने से राजनीतिक समीकरणों में नया मोड़ आया है।
चेयरमैन पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। अध्यक्ष पद के लिए कुल पांच नामांकन सामने आए थे, जिनमें भाजपा के तीन, कांग्रेस की एक और ममता चपलोत का निर्दलीय नामांकन शामिल है। अब नाम वापसी के बाद अंतिम मुकाबले की तस्वीर स्पष्ट होगी।
रात 9 बजे UDA का नोटिस
इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच गुरुवार रात करीब 9 बजे उदयपुर के रूपसागर रोड स्थित लवली एस्टेट में राजेश चपलोत के आवास पर उदयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से नोटिस दिए जाने की बात सामने आई है। नोटिस तहसीलदार रणजीत बिट्टू के नाम से जारी बताया गया है।
चपलोत के बेटे के अनुसार उस समय राजेश चपलोत घर पर मौजूद नहीं थे और स्टाफ ने नोटिस लिया। उनका दावा है कि नोटिस UDA के कर्मचारियों के बजाय सुखेर थाने के जवानों द्वारा दिया गया और मौके पर पुलिस की तीन गाड़ियां आई थीं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों से नहीं हुई है।
एक दिन पहले होटल पर भी नोटिस
इससे एक दिन पहले फतहनगर-सनवाड़ नगरपालिका प्रशासन ने सनवाड़ चौराहे स्थित देवीलीला पैलेस पर भी नोटिस चस्पा किया था। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार नोटिस में कथित रूप से स्वीकृत प्लान के विपरीत निर्माण और संपत्ति के उपयोग से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं। नगरपालिका ने वर्तमान उपयोग के अनुसार भू-उपयोग परिवर्तन और निर्माण स्वीकृति से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है।
चपलोत के परिवार की ओर से नोटिस की प्रक्रिया और उसमें दर्ज तारीख को लेकर सवाल उठाए गए हैं। परिवार का कहना है कि नोटिस पर 15 सितंबर की तारीख अंकित है, जबकि उसे 17 सितंबर की रात को आवास पर दिया गया। इन आरोपों पर संबंधित प्रशासनिक पक्ष का विस्तृत जवाब सामने आना बाकी है।
13-12 के गणित में निर्दलीय उम्मीदवार की एंट्री
फतहनगर-सनवाड़ के 25 सदस्यीय बोर्ड में भाजपा के 13 और कांग्रेस के 12 पार्षद हैं। ऐसे में भाजपा के पास एक सीट का अंतर है। ममता चपलोत के निर्दलीय नामांकन ने अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक समीकरणों और संभावित समर्थन को लेकर चर्चाएं बढ़ा दी हैं। अंतिम स्थिति नाम वापसी और मतदान के दौरान पार्षदों के वास्तविक समर्थन से ही स्पष्ट होगी।
उधर उदयपुर नगर निगम में भी मेयर पद के लिए भाजपा के पारस सिंघवी और कांग्रेस की डॉ. पूनम कुंवर मैदान में हैं। मेयर पद के लिए मतदान 21 सितंबर को होना है।
