
उदयपुर। जिले के गोगुंदा थाना क्षेत्र में 65 वर्षीय बुजुर्ग पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सामने आया है कि दूध के व्यवसाय में प्रतिस्पर्धा के चलते हत्या की साजिश रची गई थी और इसके लिए एक लाख रुपए में सुपारी दी गई थी।
थानाधिकारी श्यामसिंह चारण ने बताया कि मामले में वणी निवासी मुख्य साजिशकर्ता लक्ष्मणसिंह और रामा सुखेर निवासी टीकमचंद उर्फ टिकसा को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मनीष गमेती, वीरेन्द्र सिंह उर्फ विजु और मनोहर सिंह अभी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
जांच में सामने आया कि पीड़ित शंकरलाल पालीवाल और आरोपी लक्ष्मणसिंह दोनों दूध सप्लाई का काम करते थे। वणी और सेमटाल गांव में बढ़ते कारोबार को लेकर लक्ष्मणसिंह, शंकरलाल की सफलता से जलने लगा था। इसी रंजिश के चलते उसने शंकरलाल को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि लक्ष्मणसिंह ने मुंबई में रहने वाले अपने साथी मनोहर सिंह के जरिए बदमाशों से संपर्क किया और मनीष के साथ मिलकर हत्या का सौदा एक लाख रुपए में तय किया गया। योजना के तहत खुद लक्ष्मणसिंह ने आरोपियों को रास्ता दिखाया और हमले की जगह भी चिन्हित कराई।
घटना 2 अप्रैल की है, जब सेमटाल निवासी शंकरलाल पालीवाल वणी गांव से दूध लेकर बाइक से गोगुंदा लौट रहे थे। तभी सुनसान रास्ते पर तीन नकाबपोश बदमाश बाइक पर सवार होकर पहुंचे और उन पर चाकू से ताबड़तोड़ पांच वार किए। एक चाकू उनकी पीठ में ही धंसा रह गया। आरोपी उन्हें मृत समझकर मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद राहगीरों की मदद से गंभीर रूप से घायल शंकरलाल को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने मामले में 100 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान की और अब फरार बदमाशों की तलाश तेज कर दी है।
