महापौर बोले-‘कोई काम फ्री में नहीं होगा’:200 रुपए कचरा शुल्क वसूलने पर पार्षदों की आपत्ति, निगम बैठक में धक्का-मुक्की

भीलवाड़ा नगर निगम की अंतिम बोर्ड बैठक मामूली हंगामे और धक्का-मुक्की के बीच संपन्न हुई।

करीब एक घंटे चली बैठक के दौरान कचरा शुल्क और कर्मचारियों से जुड़े मामलों को लेकर पार्षदों के बीच बहस और हंगामा भी हुआ।

घर और भूखंडों से कचरा उठाने पर 200 रुपए तक शुल्क के प्रस्ताव पर आपत्ति जताई गई।

इस पर महापौर ने स्पष्ट किया कि शुल्क भूखंड के आकार के अनुसार न्यूनतम 20 रुपए और अधिकतम 80 रुपए होगा। उन्होंने कहा कि कोई काम फ्री में नहीं होगा।

कर्मचारियों के नियमितीकरण पर भी पार्षदों ने सवाल उठाए, जिस पर महापौर ने कहा कि हाईकोर्ट और सरकार के आदेशों का पालन किया जाएगा।

दरअसल, बैठक में महापौर राकेश पाठक ने वित्त साल 2026-27 के लिए 421.84 करोड़ रुपए का बजट पेश किया, जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।

वही, बैठक में शहर के विकास, सफाई व्यवस्था, निगम की आय बढ़ाने, कचरा संग्रहण शुल्क, कर्मचारियों के नियमितीकरण और सामुदायिक भवनों के नामकरण जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।बात सिर्फ बहस तक सीमित नहीं रही, बल्कि बैठक के दौरान पार्षदों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए और धक्का-मुक्की हो गई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

स्थिति को नियंत्रित करने और पार्षदों को शांत कराने के लिए होमगार्ड के जवानों को बीच-बचाव करना पड़ा।

यह विवाद सामुदायिक भवनों के नामकरण और उनके शुल्क को लेकर हुआ। पार्षदों ने इसमें पक्षपात का आरोप लगाते हुए जोरदार हंगामा किया।

बाद में महापौर द्वारा पूर्व नेताओं के नाम जोड़ने की मांग स्वीकार करने पर मामला कुछ शांत हुआ।

इसके बावजूद बैठक की कार्यवाही जारी रही और एजेंडे के अनुसार निर्णय लिए गए।

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