डूंगरपुर में पिंजरे में पकड़ा गया लेपर्ड, एक महीने से दामड़ी इलाके में मचा था खौफ

डूंगरपुर। दौवड़ा वन विभाग क्षेत्र के दामड़ी के नालफला बामणिया तालाब इलाके में करीब एक महीने से घूम रहे लेपर्ड को आखिरकार वन विभाग की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। लंबे समय से इलाके में लेपर्ड की मौजूदगी के कारण आसपास के ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ था। लेपर्ड के रेस्क्यू के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

ग्रामीणों की सूचना और सहयोग के बाद वन विभाग ने लेपर्ड को पकड़ने के लिए विशेष अभियान शुरू किया। डीएफओ के निर्देश पर आतरी वन रेंज के रेंजर तेज सिंह चौहान ने टीम का गठन किया। टीम ने सबसे पहले लेपर्ड की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अलग-अलग स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाए।

इसके साथ ही वनकर्मियों ने इलाके में लेपर्ड के पगमार्गों की निगरानी की और उसके आने-जाने के संभावित रास्तों को चिन्हित किया। इन स्थानों पर पिंजरे लगाए गए और वन विभाग की टीम लगातार निगरानी करती रही। लगातार प्रयासों और रणनीति के बाद लेपर्ड को सुरक्षित रूप से पिंजरे में पकड़ लिया गया।

रेस्क्यू के बाद जंगल में छोड़ा

लेपर्ड के पकड़े जाने के बाद वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। अधिकारियों के अनुसार लेपर्ड को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया है। लेपर्ड के रेस्क्यू की जानकारी मिलने के बाद दामड़ी और आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।

रेस्क्यू अभियान में पंचायत समिति सदस्य सुरमाल परमार, हिम्मत सिंह सहित दामड़ी के कई ग्रामीणों ने सहयोग किया। वहीं वन विभाग की ओर से रेंजर तेज सिंह चौहान, चंद्रवीर सिंह, वनपाल हर्षवर्धन सिंह, पिंटू यादव, हरिओम सिंह, नाथूराम रोत सहित अन्य वनकर्मी अभियान में मौजूद रहे।

वन विभाग की टीम की सतर्कता और ग्रामीणों के सहयोग से करीब एक महीने से इलाके में घूम रहे लेपर्ड का सुरक्षित रेस्क्यू संभव हो सका। फिलहाल लेपर्ड को जंगल में छोड़ दिए जाने के बाद क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।

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