सर्दियों की छुट्टियों पर ‘वेटिंग’ का ग्रहण: विंटर वेकेशन में ट्रेन सफर हुआ दुश्वार

जयपुर से चलने वाली प्रमुख ट्रेनें ‘फुल’, मुंबई-देहरादून रूट पर ‘नो-रूम’ के बोर्ड, तत्काल भी चंद मिनटों में हो रहा गुल

जयपुर | विशेष संवाददाता सर्दियों की छुट्टियों में सैर-सपाटे का मन बना रहे राजधानीवासियों के लिए रेल सफर अब ‘वेटिंग टूर’ में तब्दील हो गया है। दिसंबर के अंत तक जयपुर से देश के विभिन्न कोनों को जोड़ने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। आलम यह है कि 25 से 31 दिसंबर के बीच अधिकांश प्रमुख रेलमार्गों पर ‘नो-रूम’ की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

मुंबई और देहरादून रूट पर भारी मारामारी उत्तर-पश्चिम रेलवे के सबसे व्यस्त रूटों पर यात्रियों का दबाव चरम पर है। जयपुर-मुंबई सुपरफास्ट में स्लीपर की वेटिंग 120 के पार पहुंच चुकी है, जबकि 28 से 31 दिसंबर तक किसी भी श्रेणी में सीट उपलब्ध नहीं है। यही हाल देहरादून और अहमदाबाद रूट का है, जहां आश्रम, अरावली और योगा एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में ऑनलाइन बुकिंग तक बंद (रिग्रेट) दिख रही है।

तत्काल टिकट भी ‘हाथ से फिसले’ सामान्य कोटा फुल होने के बाद यात्रियों की अंतिम उम्मीद ‘तत्काल टिकट’ पर टिकी थी, लेकिन वहां भी निराशा ही हाथ लग रही है। तत्काल कोटा खुलते ही महज चंद मिनटों में सीटें भर रही हैं और तत्काल में भी लंबी वेटिंग लिस्ट शुरू हो जा रही है। सियालदाह और हावड़ा रूट पर भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

प्रमुख रूटों का हाल: एक नजर में

  • अहमदाबाद रूट: आश्रम और अरावली एक्सप्रेस में बुकिंग बंद।
  • मुंबई रूट: सभी श्रेणियों में ‘नो-रूम’, स्लीपर वेटिंग 120 पार।
  • देहरादून रूट: 20 और 27 दिसंबर को किसी भी श्रेणी में जगह नहीं।
  • सियालदाह/हावड़ा: अजमेर-सियालदाह में स्लीपर व थर्ड एसी में रिग्रेट की स्थिति।

विशेष ट्रेनें और कोच भी पड़ रहे कम रेलवे प्रशासन ने अतिरिक्त यात्री भार को देखते हुए कई रूटों पर स्पेशल ट्रेनें संचालित की हैं और नियमित ट्रेनों में जनरल से लेकर एसी श्रेणी के अतिरिक्त कोच भी जोड़े हैं। हालांकि, छुट्टियों के सीजन में यात्रियों की भारी तादाद के आगे ये तमाम इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। लखनऊ, कानपुर और गुवाहाटी जाने वाले यात्रियों को भी कंफर्म सीट के लिए भारी जद्दोजहद करनी पड़ रही है।

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