धरियावद गैंगरेप केस : रेप के वीडियो बना करते ब्लैकमेल, 3 दोषियों को 20-20 साल की जेल

प्रतापगढ़

धरियावद में तीन साल पहले नाबालिग लड़कियों से सामूहिक रेप और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाले तीन आरोपियों को आखिरकार कानून ने कठोर सजा दी है। शुक्रवार को विशिष्ट न्यायाधीश डॉ. प्रभात अग्रवाल की अदालत ने दीपक पुत्र मोहनलाल कीर, दीपक पुत्र हीरालाल कीर एवं इरफान पुत्र निसार खान को 20-20 साल के कठोर कारावास और 76-76 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। कोर्ट ने मामले को देश में यौन अपराधों पर सख्त रुख की मिसाल बताया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान जब अभियोजन पक्ष के विशिष्ट लोक अभियोजक तरुण दास बैरागी ने पूछताछ की तो आरोपियों के पास खुद अपने कुकृत्य की गिनती तक नहीं थी। तीनों ने सुनसान इलाके में लड़कियों को बारी-बारी से शिकार बनाया, वीडियो रिकॉर्ड किया और फिर इन वीडियो से उन्हें लगातार धमकाया।

इस मामले में अभियोजन पक्ष ने 135 से अधिक दस्तावेज और 22 प्रत्यक्ष गवाह पेश किए। जांच के दौरान कई और पीड़ित महिलाओं के वीडियो भी मिले। अंतिम सुनवाई में पीड़िताओं ने कोर्ट में अपने दर्द और संघर्ष की कहानी सुनाई। न्यायाधीश भी उनकी बातें सुनकर भावुक हुए। एक पीड़िता ने हादसे के बाद दसवीं तक पढ़ाई में दिलचस्पी खत्म कर दी, आर्थिक तंगी के कारण जल्द शादी करनी पड़ी, अब भी डर पीछा नहीं छोड़ता। दूसरी पीड़िता के मंगेतर ने उसका साथ निभाया और शादी की।

वह आज भी अंधेरे से डरती है, लेकिन पति का साथ उसकी सबसे बड़ी ताकत बन गया। कोर्ट ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धाराएं 341, 323, 366(1), 376(क) एवं पोक्सो एक्ट की धाराएं 3/4, 5(ह)/6 व 5(स)/6 के तहत सजा दी। उनकी जमानत याचिकाएं हाईकोर्ट ने खारिज कर दी थीं। अदालत ने साफ कहा ऐसे अपराधों में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी, समाज को संदेश जाए कि अपराधियों को कड़ा दंड मिलेगा। इस मामला में कुल सात आरोपी है फिलहाल एक बेंच का फैसला आया है एक अन्य बैंच का फैसला आना अभी शेष है, जिससे और पीड़िताओं को न्याय की आस है। पुलिस की सजगता आरोपियों के फोन से खुला ब्लैकमेलिंग का जाल यह मामला सुलझाने में डीएसपी संदीप सिंह शक्तावत के नेतृत्व में एएसआई जयपाल सिंह, कांस्टेबल सुरेन्द्र कुमार, अमर सिंह और कल्पना की टीम ने अहम भूमिका निभाई। टीम ने लगातार कई दिनों तक बिना रुके काम किया और पीड़िताओं से संपर्क बनाए रखा।

उन्होंने आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत जुटाने के लिए बारीकी से जांच की। पुलिस की रणनीतिक कार्रवाई के दौरान जब टीम ने आरोपियों के घरों पर छापेमारी की, तब कई मोबाइल फोन बरामद किए गए। इन फोनों से न सिर्फ मामले से जुड़े वीडियो मिले, बल्कि अन्य महिलाओं से संबंधित आपत्तिजनक वीडियो भी पाए गए। यही डिजिटल साक्ष्य पुलिस के लिए सबसे मजबूत कड़ी साबित हुए, जिससे आरोपियों के खिलाफ मुकदमे को निर्णायक मोड़ मिला। यह केस पुलिस की सूझबूझ, तकनीकी दक्षता और सख्त कार्रवाई का उदाहरण बन गया, जिसने पीड़िताओं को न्याय दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया।

21 जनवरी 2022 को धरियावद में एक नाबालिग लड़की और उसका दोस्त मोटरसाइकिल से ऐसर पेट्रोल पंप से गुजर रहे थे। अचानक तीनों आरोपी सामने आए, उनकी बाइक रोकने की कोशिश की, पीछा किया, मारपीट कर नकदी लूट ली। लड़की को जबरन सुनसान इलाके में ले गए, बारी-बारी से दुष्कर्म किया, वीडियो बनाए। आरोपी बार-बार वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करते रहे। इसी डर के चलते कई महिलाएं आगे नहीं आ पाई। तत्कालीन एसपी डॉ. अमृता दुहन द्वारा प्रेरित कर दो लड़कियों ने हिम्मत दिखाई और केस दर्ज कराया था।

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