गंगरार। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जन चेतना सेवा समिति के वृक्ष मित्रों ने एक अनूठी पहल करते हुए गंगरार तहसीलदार पुष्पेंद्र सिंह राजावत के मार्गदर्शन में उनके परिसर में लगभग एक हजार वर्गफीट क्षेत्र में 150 विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर सघन मिनी वन तैयार किया।
इस मिनी वन में अमरूद, आंवला, शहतूत, सीताफल, जामुन, करंज, बेहड़ा और गुलमोहर सहित कई छायादार एवं फलदार प्रजातियों के पौधे लगाए गए। जन चेतना सेवा समिति के संचालक एवं वृक्ष मित्र शिवराम वैष्णव ने बताया कि गंगरार क्षेत्र में इतनी कम जगह में इतनी बड़ी संख्या में पौधों का रोपण कर सघन वन विकसित करने का यह पहला प्रयास है।
उन्होंने बताया कि सामान्य रूप से प्राकृतिक जंगल विकसित होने में 40 से 50 वर्ष का समय लग जाता है, जबकि वैज्ञानिक पद्धति से तैयार किए जाने वाले मिनी सघन वन मात्र 3 से 5 वर्षों में विकसित होकर जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने लगते हैं। उन्होंने बताया कि इस तकनीक का सफल प्रयोग उनकी नर्सरी में भी किया जा चुका है।
शिवराम वैष्णव ने जानकारी दी कि इस वर्ष मानसून सत्र के दौरान गंगरार एवं चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में 50 मिनी सघन वन विकसित किए जाएंगे तथा आमजन को पर्यावरण संरक्षण के लिए 5 हजार पौधों का निःशुल्क वितरण भी किया जाएगा।
इस अवसर पर विशेषाधिकारी पुनीत कुमार गेलड़ा, एसबीईओ शंभूलाल लखारा, समाजसेवी गोपाल चतुर्वेदी, व्यापार सेवा संस्थान अध्यक्ष गोपाललाल पूर्बिया, भगवानलाल बिलवाल, मनीष कुमार पोरवाल, मुकेश कुमार खटीक, वृक्ष मित्र अजय सिंह राठौड़, अर्जुन वैष्णव, राजू गुर्जर बिंदोलिया, मुकेश वैष्णव, सुमित वैष्णव, हिमांशु वैष्णव एवं लक्ष्यराज वैष्णव सहित अनेक लोगों ने पौधरोपण कर पौधों की सुरक्षा और संरक्षण का संकल्प लिया।
