गैंगरेप पीड़िता को धमकाने के दो आरोपी गिरफ्तार, अब पीड़िता पर कोर्ट में बयान बदलने के लिए दबाव बनाया

भीलवाड़ा शहर में गैंगरेप की शिकार हुई एक पीड़िता को इंसाफ की राह में रोकने के लिए अब डराने-धमकाने का खेल शुरू हो गया है। जेल में बंद 9 आरोपियों को बचाने के लिए उनके मददगारों ने पीड़िता का रास्ता रोका, उसके साथ मारपीट की और कोर्ट में गवाही बदलने के लिए दबाव बनाया। कोतवाली पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक्शन लिया और पीड़िता को धमकाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी मुख्य अभियुक्तों से सांठगांठ कर पीड़िता पर ‘होस्टाइल’ (बयान से पलटने) होने का दबाव बना रहे थे।

खाली कागजों पर कराए हस्ताक्षर, दी जान से मारने की धमकी पीड़िता ने पुलिस को दी रिपोर्ट में अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उसने एक युवती सहित 9 लोगों के खिलाफ गैंगरेप का केस दर्ज कराया था, जिसमें सभी आरोपी फिलहाल जेल में हैं। कोर्ट में चालान पेश होने के बाद से ही तीन लोग उसके पीछे हाथ धोकर पड़ गए थे। इन लोगों ने न केवल उसके साथ मारपीट की, बल्कि डरा-धमकाकर खाली कागजों पर जबरन अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर भी करवा लिए। आरोपियों का मकसद इन कागजों का इस्तेमाल कर कोर्ट में पीड़िता को झूठा साबित करना था।

भास्कर खास: जेल के बाहर से चल रहा ‘ऑपरेशन बचाव’ इस पूरे मामले में चौंकाने वाली बात यह है कि जेल में बंद आरोपियों के मददगार बाहर रहकर पीड़िता की रेकी कर रहे थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों को प्रलोभन दिया गया था कि यदि वे पीड़िता को बयान बदलने पर मजबूर कर देते हैं, तो उन्हें मोटी रकम दी जाएगी। पुलिस अब उन कड़ियों को जोड़ रही है जो जेल के भीतर बंद अपराधियों और बाहर घूम रहे इन गुर्गों के बीच सेतु का काम कर रहे थे।

इनका कहना है:

“पीड़िता की रिपोर्ट पर तत्काल कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। कोर्ट में गवाहों को डराना या उन पर दबाव बनाना गंभीर अपराध है। हम इस मामले की तह तक जाएंगे कि इस साजिश के पीछे मास्टरमाइंड कौन है।” — थाना प्रभारी, कोतवाली, भीलवाड़ा

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