
जयपुर, 7 अगस्त। विश्व के प्रतिष्ठित शैक्षिक आयोजन ग्लोबल एड-फेस्ट 2026 के उद्घाटन अवसर पर आयोजित ‘स्कून्यूज़ मेमोरियल अवॉर्ड्स–2026’ में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों एवं शिक्षा नेतृत्व से जुड़ी विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित किया गया। समारोह में ‘महाराणा अरविन्द सिंह मेवाड़ अवॉर्ड फॉर आउटस्टैंडिंग एजुकेशनल लीडरशिप’ सहित अनेक प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में इंडिया इन्क्लूजन फाउंडेशन के संस्थापक एवं एसएपी अकादमी फॉर इंजीनियरिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष फेरोज़ वी.आर. तथा स्कून्यूज़ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि संतलानी ने देश-विदेश से आए शिक्षाविदों एवं प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए समावेशी, नवाचारपूर्ण और मूल्याधारित शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया।
समारोह के आजीवन संरक्षक डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अपने संरक्षक संबोधन में कहा कि “शिक्षा केवल ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का आधार है। शिक्षकों का योगदान ही राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की सबसे सशक्त नींव है।” उन्होंने शिक्षा को समाज और संस्कृति के संरक्षण का सबसे प्रभावी माध्यम बताया।
इस अवसर पर डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने दिल्ली पब्लिक स्कूल की अदिति मिश्रा को ‘महाराणा अरविन्द सिंह मेवाड़ अवॉर्ड फॉर आउटस्टैंडिंग एजुकेशनल लीडरशिप’ से सम्मानित किया। यह प्रतिष्ठित सम्मान दिवंगत महाराणा अरविन्द सिंह मेवाड़ की शिक्षा, जनकल्याण एवं सांस्कृतिक संरक्षण के प्रति आजीवन प्रतिबद्धता को समर्पित है। महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी के रूप में उन्होंने शिक्षा, छात्रवृत्ति, विरासत संरक्षण तथा सामाजिक उत्थान के अनेक आयामों को नई दिशा प्रदान की। उनका विश्वास था कि शिक्षा ही किसी भी सभ्यता की सबसे अमूल्य धरोहर है और यही विचार इस सम्मान की प्रेरणा है।
समारोह में प्रसिद्ध डिज़ाइनर ऋतु बेरी के निर्देशन में प्रस्तुत ‘थ्रेड्स ऑफ बिलॉन्गिंग’ तथा बाड़मेर-जैसलमेर के लंगा-मांगणियार कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का समापन डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ द्वारा आयोजित ‘पैट्रन्स डिनर’ के साथ हुआ।
