जोधपुर में एक ही रजिस्ट्रेशन नंबर से दो बसों के संचालित होने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर परिवहन विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों बसों को अलग-अलग थाना क्षेत्रों से जब्त कर सीज कर दिया। अब विभाग यह जांच कर रहा है कि किस बस की नंबर प्लेट असली है, किसकी फर्जी है या फिर दोनों ही बसों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर संचालन किया जा रहा था।
आरटीओ इंस्पेक्टर अजय सागर ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक ही नंबर से दो बसें सड़क पर चल रही हैं। इसके बाद परिवहन विभाग की टीम ने प्रताप नगर थाना क्षेत्र में कार्रवाई कर ग्रामीण रूट पर चल रही एक बस को जब्त किया। जांच के दौरान पता चला कि इसी नंबर की प्लेट देवनगर थाना क्षेत्र में खड़ी दूसरी बस पर भी लगी हुई है।
दोनों बसों को संबंधित थानों में खड़ा कर दिया गया है। देवनगर थाने में खड़ी बस के दस्तावेज नहीं मिलने पर एएसआई ओमाराम ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के तहत उसे सीज कर दिया। प्रारंभिक जांच में नंबर प्लेट के आधार पर बस मालिक का नाम आवड़ दान चारण सामने आया है।
परिवहन विभाग अब दोनों बसों के दस्तावेजों और रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड की गहन जांच कर रहा है। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि एक ही नंबर का दुरुपयोग किया गया या दोनों बसों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर संचालन किया जा रहा था। विभाग ने मामले में एफआईआर दर्ज कराने की भी तैयारी शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई के बाद परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। सूत्रों के अनुसार लंबे समय से एक ही नंबर से दो बसें संचालित हो रही थीं, लेकिन विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी जिला जजों के निरीक्षण के दौरान एक ही नंबर से दो बसों के संचालन का मामला सामने आया था, जिसमें एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई थी।
