
उत्तराखंड में आस्था की सबसे बड़ी यात्राओं में शामिल चारधाम यात्रा आज से शुरू हो रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ऋषिकेश से 10 बसों को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के लिए रवाना करेंगे। ये यात्री 19 अप्रैल को कपाट खुलने के अवसर पर धामों में मौजूद रहेंगे।
चारधाम यात्रा के लिए इस बार अब तक 18.25 लाख श्रद्धालु रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। पिछले साल यह आंकड़ा 23 लाख तक पहुंचा था। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।
यात्रियों की सुविधा के लिए ऋषिकेश और हरिद्वार में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन काउंटर भी शुरू कर दिए गए हैं। सबसे पहले मध्य प्रदेश के शहडोल से पहुंचे 100 यात्रियों ने पंजीकरण कराया। ये सभी यमुनोत्री और गंगोत्री के दर्शन करेंगे।
यात्रा से जुड़े बड़े नियम और व्यवस्थाएं
- बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक रहेगी।
- केदारनाथ गर्भगृह में श्रद्धालु गंगाजल और फूल नहीं चढ़ा सकेंगे।
- विशेष पूजा रात 11 बजे से सुबह 4 बजे के बीच होगी।
- यात्रा मार्ग पर वाहन सुबह 4 बजे से रात 10 बजे तक ही चल सकेंगे।
- 54 हजार वाहनों के लिए 118 पार्किंग स्थल बनाए गए हैं।
- केदारनाथ पैदल यात्रा से पहले बुजुर्ग और बीपी मरीजों की गौरीकुंड में जांच होगी।
- आपदा की स्थिति में रुकने के लिए 48 हाल्टिंग पॉइंट बनाए गए हैं, जहां 1.18 लाख लोग ठहर सकेंगे।
- भूस्खलन संभावित 80 स्थानों पर इमरजेंसी टीमें तैनात की गई हैं।
सरकार और प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
