Udaipur – बंद कैफे के बाहर थानाधिकारी ने बरसाए लात-घूंसे, अस्पताल स्टाफ गिड़गिड़ाता रहा पर पुलिस ने एक न सुनी

उदयपुर । झीलों की नगरी उदयपुर से पुलिस का एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने कानून के रखवालों की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस सीसीटीवी फुटेज में अंबामाता थानाधिकारी मुकेश सोनी का रौद्र रूप दिखाई दे रहा है, जहां वे रात के सन्नाटे में निहत्थे युवकों पर बेरहमी से लात-घूंसे बरसाते नजर आ रहे हैं। यह पूरी घटना शहर के सुभाष चौराहा क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां 28 जुलाई 2025 की रात पुलिस गश्त पर निकली थी।

वीडियो की शुरुआत में थानाधिकारी अपनी टीम के साथ एक बंद कैफे के बाहर रुकते हैं और संदिग्ध गतिविधि के शक में शटर पर कान लगाकर अंदर की आहट सुनने की कोशिश करते हैं। इस दौरान वे लगातार शटर पर लातें मारते हुए गाली-गलौज करते सुनाई दे रहे हैं। करीब 3 मिनट के पहले वीडियो के बाद एक और फुटेज सामने आया है, जिसमें पुलिस की बर्बरता चरम पर दिखी। जैसे ही कैफे का गेट खुला, थानाधिकारी ने बाहर निकले युवकों पर बिना किसी पूछताछ के घूंसे और लातें चलानी शुरू कर दीं। हैरानी की बात यह है कि पिटाई का शिकार होने वालों में अंबामाता सेटेलाइट अस्पताल का स्टाफ भी शामिल था, जो ड्यूटी के बाद वहां खाना और सब्जी लेने पहुंचा था।

फुटेज में साफ दिख रहा है कि पीड़ित युवक अपने हाथ में मौजूद रोटियों और सब्जी की थैली दिखाकर पुलिस से रहम की गुहार लगा रहे थे, लेकिन वर्दी के नशे में चूर पुलिसकर्मियों ने उनकी एक न सुनी। हालांकि, थानाधिकारी मुकेश सोनी का तर्क है कि रात 2 बजे के बाद शटर बंद कर लोग अंदर मौजूद थे, जिसकी सूचना पर उन्होंने कार्रवाई की। लेकिन सीसीटीवी में दर्ज सवा तीन बजे का समय और पुलिस का हिंसक व्यवहार कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है। पुलिस ने उस वक्त इन युवकों को शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था, जिन्हें बाद में जमानत मिल गई, लेकिन अब यह वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

थानाधिकारी मुकेश सोनी ने बताया कि जिस कैफे पर हमने कार्रवाई की वह इलाका काफी सेंसेटिव है और इस कैफे संचालक की सबसे ज्यादा शिकायत थी। वहां के व्यापारी यह तक कह चुके हैं कि पुलिस हमारी दुकान 11 बजे बंद करवा देती है और कैफे देर रात तक चलता है।

उन्होंने कहा कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि पुलिस टीम ने शटर खुलवाने के कितने प्रयास किए, लेकिन नहीं खोला। बाद में पुलिस पीछे वाले गेट से जाकर खुलवाती है।

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