‘DP बदलने से अरावली नहीं बचेगी, कांग्रेस को राम नाम से दिक्कत है’, एक ही मंच से दहाड़े सीएम और पूर्व CM

झालावाड़ | प्रदेश में अरावली संरक्षण को लेकर छिड़ी सियासी जंग अब निजी हमलों और तीखे कटाक्षों तक पहुंच गई है। सोमवार को झालावाड़ जिले के डग क्षेत्र की ग्राम पंचायत दुधालिया में आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर सीधा हमला बोला। अरावली संरक्षण के मुद्दे पर गहलोत द्वारा केंद्र और राज्य सरकार की घेराबंदी किए जाने के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल सोशल मीडिया की ‘डीपी’ बदलने से पर्यावरण संरक्षण का काम नहीं होता, इसके लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि उनकी सरकार अरावली के अस्तित्व के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी और विपक्ष को जनता को बरगलाने की राजनीति छोड़ देनी चाहिए।

समारोह की खास बात यह रही कि सरकार के दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पहली बार पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के साथ उनके गढ़ झालावाड़ में मंच साझा करते नजर आए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दुधालिया में मनरेगा उद्यान और नवनिर्मित गोशाला का लोकार्पण भी किया। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार को कानून-व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं के मुद्दे पर जमकर घेरा। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के शासन में हर भर्ती परीक्षा विवादों और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी, जबकि भाजपा के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है। उन्होंने अपराधों में आई कमी और महिला सशक्तिकरण की दिशा में उठाए जा रहे कदमों को अपनी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। मनरेगा योजना का नाम बदलकर ‘जी-राम जी’ किए जाने के विरोध पर तंज कसते हुए राजे ने कहा कि कांग्रेस को ‘राम’ नाम से ही परेशानी है, जबकि भाजपा के लिए राम ही जिंदगानी हैं। राजे ने इस दौरान मुख्यमंत्री के समक्ष क्षेत्रीय विकास की लंबी फेहरिस्त भी रखी, जिसमें छोटी कालीसिंध व चाचुरनी नदी पर सिंचाई परियोजना, डग पशु अनुसंधान केंद्र को चिकित्सा महाविद्यालय में क्रमोन्नत करने और मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में नए बाघों की शिफ्टिंग जैसी महत्वपूर्ण मांगें शामिल थीं।

इस भव्य सम्मेलन में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, जिला प्रभारी मंत्री ओटाराम देवासी, सांसद दुष्यंत सिंह और जिले के तमाम विधायक मौजूद रहे। मध्य प्रदेश की सीमा से सटे इस ग्रामीण क्षेत्र में बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं की भीड़ को मुख्यमंत्री ने महिला शक्ति की जागृति का प्रतीक बताया। राजनीतिक जानकारों की मानें तो झालावाड़ के मंच पर मुख्यमंत्री और वसुंधरा राजे की यह एकजुटता आगामी संगठनात्मक चुनौतियों और प्रदेश के सियासी समीकरणों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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