Jaipur News: पुलिस ने ही घर के बाहर से बाइक उठाई, चोरी की बरामदगी दिखाने का आरोप

जयपुर। राजधानी जयपुर में पुलिस की कार्रवाई को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि मानसरोवर इलाके में घर के बाहर खड़ी एक बाइक को पुलिसकर्मी चोरी की बाइक समझकर सफेद लोडिंग पिकअप में डालकर ले गए और बाद में उसी बाइक को चोरों की निशानदेही पर बरामद करना दिखा दिया।

मामला 2 सितंबर का बताया जा रहा है। मानसरोवर के गुर्जर की थड़ी स्थित शांति नगर-ए निवासी राजेंद्र शर्मा के अनुसार, उनके चाचा ससुर की ईएचसीसी अस्पताल में बाईपास सर्जरी हुई थी। वे 2 सितंबर की शाम घर के बाहर बाइक खड़ी कर अस्पताल गए थे। अगले दिन लौटे तो बाइक गायब मिली।

बाइक चोरी होने की आशंका पर राजेंद्र ने घर के बाहर लगे CCTV कैमरों की फुटेज देखी। फुटेज में रात करीब 10:30 बजे दो लोग बाइक से आते दिखाई दिए। उनके साथ सफेद रंग की लोडिंग पिकअप भी थी। आरोप है कि बाइक पर आया एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी में था और कुछ देर बाद पुलिसकर्मी घर के बाहर खड़ी बाइक को पिकअप में लोड कर अपने साथ ले गए।

पुलिस कंट्रोल रूम में दी शिकायत

राजेंद्र शर्मा ने मानसरोवर थाने पहुंचकर पुलिसकर्मियों पर ही बाइक ले जाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि बीट अधिकारी सुरेश को CCTV फुटेज भी दिखाई गई, लेकिन पुलिस की भूमिका से इनकार किया गया। इसके बाद उन्होंने 3 सितंबर की सुबह करीब 9 बजे पुलिस कंट्रोल रूम में शिकायत दर्ज करवाई।

कुछ समय बाद मानसरोवर पुलिस की ओर से उन्हें फोन कर महेश नगर थाने बुलाया गया। वहां पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर बताया कि रात में दो चोर पकड़े गए थे और उनकी निशानदेही पर बाइक बरामद की गई है। पुलिस ने राजेंद्र से अपनी बाइक चोरी की शिकायत दर्ज कराने को कहा और बताया कि चोरों से बरामद दिखाकर कोर्ट से रिलीज करवाकर बाइक वापस कर दी जाएगी।

राजेंद्र ने इस प्रक्रिया से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने खुद कोर्ट से बाइक छुड़वाने की बात कही।

FIR में एक किलोमीटर दूर से बरामदगी दिखाई

पीड़ित का आरोप है कि जिस बाइक को CCTV में घर के बाहर से पुलिसकर्मी ले जाते दिखाई दे रहे हैं, उसी बाइक को FIR में करीब एक किलोमीटर दूर सुल्तान नगर रोड पर पट्टियों और झाड़ियों के बीच से बरामद करना बताया गया।

दूसरी ओर, महेश नगर पुलिस की FIR में बताया गया कि गश्ती दल ने सुल्तान नगर रोड पर दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा था। पूछताछ में उनके चोरी की बाइक रखने की बात सामने आई और उनकी निशानदेही पर झाड़ियों के बीच छिपाकर रखी गई चार बाइक बरामद की गईं।

पुलिस ने इस मामले में पवन बर्मन और आलोक उमरवाल को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने जांच की बात कही

महेश नगर थाना पुलिस का कहना है कि बाइक आरोपियों की निशानदेही पर ही बरामद की गई थी। वहीं, DCP South राजर्षिराज वर्मा ने बताया कि वाहन चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चार बाइक बरामद की गई हैं।

DCP के अनुसार, आरोपियों की निशानदेही पर बरामद दिखाई गई एक बाइक की तस्दीक में उसके चोरी की नहीं होने की बात सामने आई है। इस बाइक को दूसरी जगह से बरामद दिखाए जाने के आरोप की जांच की जा रही है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि CCTV में घर के बाहर से बाइक ले जाने की घटना और पुलिस की FIR में दिखाई गई बरामदगी के बीच आखिर क्या हुआ? जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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