अमावस्या 9 को भी, पर दीपावली 8 को ही मनेगी गोवर्धन पूजा के लिए करना होगा 1 दिन इंतजार

इस बार दीपावली के त्योहार में तारीखों का ऐसा फेर रहेगा कि अमावस्या अगले दिन दोपहर तक होने के बावजूद दीपावली एक दिन पहले मनेगी। वहीं, दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की परंपरा भी इस बार नहीं निभेगी। दरअसल, 8 नवंबर को प्रदोषकाल में अमावस्या तिथि होने से इसी दिन दीपावली मनाई जाएगी। अमावस्या 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी और इसके बाद प्रतिपदा शुरू होगी। प्रतिपदा तिथि के देर से शुरू होने के कारण गोवर्धन पूजा और अन्नकूट 9 की बजाय 10 नवंबर को होंगे। ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के अनुसार तिथियों के इस बदलाव से पांच दिवसीय दीपावली महापर्व इस बार छह दिनों में मनाया जाएगा। 6 नवंबर को धनतेरस से शुरू होने वाला दीपोत्सव 11 नवंबर को भाईदूज के साथ पूरा होगा।

धनतेरस पर खरीदारी से होगी शुरुआत : 6 नवंबर को धनतेरस पर त्रयोदशी तिथि सुबह 10:30 बजे शुरू होगी। इस दिन भगवान धन्वंतरि और कुबेर पूजन के साथ सोना, चांदी, वाहन और बर्तन खरीदने की परंपरा निभाई जाएगी। 7 नवंबर को रूप चतुर्दशी और छोटी दीपावली मनाई जाएगी। 9 नवंबर को लोग एक-दूसरे के घर जाकर राम-राम सा कर रामा-श्यामा की परंपरा निभाएंगे। 11 नवंबर को बहनें भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करेंगी।

8 नवंबर को लक्ष्मी पूजा के ये मुहूर्त

महालक्ष्मी का पूजन प्रदोषकाल, स्थिर लग्न और स्थिर नवांश में करना सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। इस बार 8 नवंबर को पूजा के तीन मुख्य काल उपलब्ध रहेंगे।

6 दिन का दीपोत्सव

गोवर्धन पूजा में एक दिन का अंतर क्यों?

इस बार अमावस्या 9 नवंबर को दोपहर तक रहने के बाद प्रतिपदा शुरू होगी। प्रतिपदा का आरंभ दोपहर में होने के कारण गोवर्धन पूजा के लिए उदयातिथि का विचार किया जाएगा। इसी वजह से गोवर्धन पूजा और अन्नकूट 10 नवंबर को होंगे। इस दिन भगवान कृष्ण, गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा की जाएगी। मंदिरों में अन्नकूट के आयोजन होंगे और भगवान को छप्पन भोग अर्पित किए जाएंगे।

तर्क… यह पर्व प्रदोष काल का, इसमें अमावस्या होनी चाहिए

{प्रदोष काल (लग्न) : शाम 05:36 से रात 8:2 बजे तक।

{वृषभ काल (लग्न) : शाम 06:04 बजे से रात 08:01 बजे तक।

{सिंह काल (महानिशा लग्न) : रात 12:34 बजे से 2:50 बजे तक।

डॉ. व्यास ने बताया कि कार्तिक कृष्ण अमावस्या 8 नवंबर को सुबह 11:29 बजे शुरू होकर 9 नवंबर को दोपहर 12:31 बजे तक रहेगी। दीपावली के लिए प्रदोषकाल में अमावस्या का होना महत्वपूर्ण है।

इस बार 8 नवंबर को प्रदोषकाल में अमावस्या होने से लक्ष्मी पूजन इसी दिन किया जाएगा। लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोषकाल का मुहूर्त शाम 5:36 से रात 8:02 बजे तक रहेगा। वृषभ स्थिर लग्न शाम 6:04 से रात 8:01 बजे तक रहेगा। विशेष रूप से शाम 6:16 से 6:28 और 6:52 से 7:05 बजे तक प्रदोषकाल, स्थिर वृष लग्न और कुंभ का स्थिर नवांश रहेगा।

तारीख पर्व

6 नवंबर धनतेरस

7 नवंबर रूप चतुर्दशी (नरक चतुर्दशी)

8 नवंबर दीपावली और महालक्ष्मी पूजन

9 नवंबर रामा-श्यामा

10 नवंबर गोवर्धन पूजा और अन्नकूट

11 नवंबर भाईदूज और चित्रगुप्त पूजन

Spread the love