हाड़ कंपाने वाली ठंड और घने कोहरे का सितम, राजस्थान में बढ़ सकती हैं स्कूलों की छुट्टियां, यूपी-पंजाब के फैसलों के बाद सरकार पर बढ़ा दबाव

जयपुर। उत्तर भारत में जारी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर राजस्थान सरकार बड़े फैसले की तैयारी में है। उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे पड़ोसी राज्यों में शीतकालीन अवकाश की अवधि बढ़ाए जाने के बाद अब राजस्थान में भी छुट्टियां आगे बढ़ने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। प्रदेश के कई हिस्सों में पारा जमाव बिंदु के करीब पहुंचने और सुबह के समय दृश्यता (विजिबिलिटी) शून्य होने के कारण बच्चों को स्कूल आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान आदेशों के अनुसार राजस्थान में 5 जनवरी तक स्कूल बंद हैं, लेकिन मौसम के बिगड़े मिजाज को देखते हुए शिक्षा विभाग अवकाश बढ़ाने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

प्रशासन की सतर्कता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जयपुर जिला कलेक्टर ने एहतियातन 2 जनवरी से 10 जनवरी तक सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टियों की घोषणा पहले ही कर दी है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश सरकार ने ठंड की गंभीरता को देखते हुए कक्षा 8वीं तक के स्कूलों को 15 जनवरी तक बंद रखने का कड़ा आदेश जारी किया है, जिसका असर राजस्थान के अभिभावकों और शिक्षक संगठनों पर भी देखने को मिल रहा है। पंजाब में भी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने विंटर वेकेशन को 8 जनवरी तक बढ़ा दिया है। पड़ोसी राज्यों के इन कड़े फैसलों और लगातार गिरते तापमान ने राजस्थान सरकार के सामने बच्चों की सेहत और सुरक्षा को लेकर चुनौती पेश कर दी है।

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी पूर्व में संकेत दिया था कि शीतकालीन अवकाश मौसम की गंभीरता के अनुसार तय होने चाहिए। इसी क्रम में अभिभावक और शिक्षक संगठन लगातार मांग कर रहे हैं कि प्राथमिक कक्षाओं के छोटे बच्चों के लिए स्कूल जाना इस भीषण शीतलहर में जोखिम भरा हो सकता है। मौसम विभाग की चेतावनी और जमीनी हालातों को देखते हुए माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही नया आदेश जारी कर सकती है। फिलहाल विद्यार्थी और अभिभावक इस संशय में हैं कि सोमवार से स्कूल खुलेंगे या उन्हें कड़ाके की ठंड से कुछ और दिनों की राहत मिलेगी। सरकार की ओर से अगले 24 घंटों में इस संबंध में स्थिति स्पष्ट होने की पूरी उम्मीद है।

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