
उदयपुर। झीलों की नगरी उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों में कड़ाके की सर्दी और शीतलहर ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। मंगलवार सुबह जिले में न्यूनतम तापमान गिरकर 7.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुँच गया, जिससे गलन और ठिठुरन काफी बढ़ गई है। मौसम के इस बिगड़े मिजाज और बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उदयपुर और सलूंबर के जिला कलेक्टरों ने सोमवार देर रात एक बड़ा फैसला लिया। आदेश के मुताबिक, अब जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों का समय बदलकर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक कर दिया गया है। यह आदेश 6 जनवरी से आगामी निर्देशों तक प्रभावी रहेगा।
शहरी क्षेत्रों में जहाँ मंगलवार सुबह कोहरे का असर बीते कल की तुलना में कम रहा, वहीं ग्रामीण इलाकों और हाईवे पर धुंध का साम्राज्य बना हुआ है। डबोक एयरपोर्ट से आगे हाईवे पर घना कोहरा होने के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं वल्लभनगर क्षेत्र में भी सुबह के समय दृश्यता काफी कम दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में अधिकतम तापमान 19.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7.6 डिग्री बना हुआ है। हालांकि, सुबह के समय धूप खिलने से स्थानीय निवासियों को कुछ देर के लिए राहत जरूर मिली, लेकिन शाम ढलते ही बर्फीली हवाओं ने एक बार फिर ठिठुरन बढ़ा दी है।
प्रशासन के सख्त निर्देशों के बावजूद, उदयपुर के कुछ निजी स्कूलों की मनमानी भी सामने आई है। कलेक्टर के आदेश के बाद भी कई निजी शिक्षण संस्थानों ने स्कूल का समय अपने पुराने शेड्यूल के अनुसार ही रखा, जिस पर अभिभावकों ने कड़ा विरोध जताया है। परिजनों का कहना है कि भीषण सर्दी में छोटे बच्चों को सुबह जल्दी स्कूल बुलाना उनकी सेहत के साथ खिलवाड़ है। फिलहाल, शीतलहर को देखते हुए प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आदेश की अवहेलना करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में यदि तापमान में और गिरावट आती है, तो स्कूलों में अवकाश की घोषणा की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
