मावली में निर्दलीय पर टिकी निगाहें, फतहनगर में बहुमत के बावजूद BJP के सामने चुनौती; कानोड़ में कांग्रेस का पलड़ा भारी

उदयपुर जिले की नगर पालिकाओं में पार्षद चुनाव के बाद अब अध्यक्ष पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मावली, फतहनगर-सनवाड़, कानोड़ और वल्लभनगर में अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया के बीच अलग-अलग समीकरण सामने आए हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव 21 सितंबर 2026 को होने हैं।

मावली में निर्दलीय पार्षद बना निर्णायक कड़ी

मावली नगर पालिका की 20 सीटों में कांग्रेस के 10, भाजपा के 9 और एक निर्दलीय पार्षद हैं। ऐसे में किसी भी दल के पास अपने दम पर बहुमत नहीं है। बहुमत का आंकड़ा 11 है।

अध्यक्ष पद के लिए भाजपा की ओर से राकेश मीणा और कांग्रेस की ओर से पुष्पा भील ने नामांकन दाखिल किया है। अब दोनों दलों की नजर एकमात्र निर्दलीय पार्षद के समर्थन पर है। इस एक वोट से अध्यक्ष पद के चुनाव का समीकरण बदल सकता है।

कानोड़ में कांग्रेस के पास स्पष्ट बहुमत

कानोड़ नगर पालिका की 20 सीटों में कांग्रेस के 14 और भाजपा के 6 पार्षद हैं। यहां बहुमत का आंकड़ा 11 है।

भाजपा ने अध्यक्ष पद के लिए शिवकुमार सोनी को मैदान में उतारा है। खास बात यह है कि सोनी पार्षद का चुनाव नहीं लड़े थे। दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से युवा रौनक स्वर्णकार ने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया है। कांग्रेस के पास 14 पार्षद होने के कारण यहां पार्टी के पास स्पष्ट बहुमत है।

फतहनगर में 13-12 का मुकाबला

फतहनगर-सनवाड़ नगर पालिका में कुल 25 सीटों में भाजपा के 13 और कांग्रेस के 12 पार्षद हैं। बहुमत का आंकड़ा 13 है।

भाजपा की ओर से सीमा सोनी और प्रियंका बडालमिया, जबकि कांग्रेस की ओर से सौसर देवी ने नामांकन दाखिल किया है। इसी बीच भाजपा पार्षद राजेश चपलोत के नाराज होने और उनकी पत्नी ममता चपलोत के निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करने से समीकरण दिलचस्प हो गया है।

यदि निर्दलीय उम्मीदवार को लेकर भाजपा के भीतर मतभेद मतदान तक बने रहते हैं, तो 13-12 का सीधा आंकड़ा महत्वपूर्ण हो जाएगा। हालांकि अध्यक्ष पद का अंतिम फैसला मतदान के दिन पार्षदों के वोट से होगा।

वल्लभनगर में भाजपा के पास बहुमत

वल्लभनगर नगर पालिका में 20 सीटों में भाजपा के 16 और कांग्रेस के 4 पार्षद हैं। अध्यक्ष पद अनुसूचित जनजाति महिला के लिए आरक्षित है।

अध्यक्ष पद के लिए भाजपा की ओर से लीला भील, सोवनी भील और भोली बाई, जबकि कांग्रेस की ओर से रामी बाई ने नामांकन दाखिल किया है। यहां भाजपा के पास बहुमत के आंकड़े 11 से काफी अधिक सीटें हैं।

अब 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच और 18 सितंबर को नाम वापसी के बाद तस्वीर और साफ होगी। इसके बाद 21 सितंबर को अध्यक्ष पद के लिए मतदान होगा।

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