
राजसमंद। जिले के रेलमगरा थाना क्षेत्र के चौकड़ी गांव में गुरुवार दोपहर मामूली विवाद ने इतना हिंसक रूप ले लिया कि एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। एक ट्रक ड्राइवर और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर कार सवार तीन युवकों पर जानलेवा हमला कर दिया, जिसमें 30 वर्षीय महेंद्र कुमार भील की मौके पर ही मौत हो गई। हमलावरों ने न केवल युवकों को बेरहमी से पीटा, बल्कि उनकी कार में भी जमकर तोड़फोड़ करते हुए उसके शीशे चकनाचूर कर दिए।
घटना के अनुसार, मदारा गांव निवासी महेंद्र कुमार अपने दो दोस्तों पवन सिंह और एक अन्य साथी के साथ कार से जा रहे थे। चौकड़ी गांव के पास किसी बात को लेकर एक ट्रक ड्राइवर से उनकी कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि ट्रक ड्राइवर और वहां मौजूद कुछ ग्रामीणों ने मिलकर तीनों दोस्तों पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। इस हमले में महेंद्र कुमार की इतनी बुरी तरह पिटाई की गई कि उसने दम तोड़ दिया। बीच-बचाव करने आए पवन सिंह भी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद राजसमंद के आरके जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि उनका तीसरा साथी किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागने में सफल रहा।
वारदात की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता और रेलमगरा थाना प्रभारी प्रवीण सिंह भारी जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए मृतक के शव को मोर्चरी में रखवाया है। थानाधिकारी ने बताया कि मामले में तत्परता दिखाते हुए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। फिलहाल पुलिस इस बात की तहकीकात कर रही है कि विवाद की असल वजह क्या थी और इस मॉब लिंचिंग जैसी घटना में कौन-कौन शामिल था।
