देशनोक से जयपुर तक 600 किलोमीटर पदयात्रा का शुभारंभ, यूजीसी रोलबैक सहित विभिन्न मांगों को लेकर निकले महिपाल सिंह मकराणा

(बीकानेर)। श्री राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराणा के नेतृत्व में मां करणी के पावन धाम देशनोक से लगभग 600 किलोमीटर लंबी पदयात्रा का विधिवत शुभारंभ किया गया। यह पदयात्रा लगभग 25 दिनों तक चलेगी तथा चूरू, झुंझुनू, सीकर, दातारामगढ़, नवलगढ़ सहित विभिन्न स्थानों से होकर जयपुर पहुंचेगी, जहां इसका विशाल समापन प्रस्तावित है।
पदयात्रा के शुभारंभ अवसर पर देशभर से करणी सैनिक, सर्व समाज के प्रतिनिधि, संत-महात्मा एवं अनेक सामाजिक और राजनीतिक पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से सूरजपाल सिंह अम्मू (हरियाणा), जीवन सिंह शेरपुर (मध्य प्रदेश), किसान नेता पूरन सिंह (उत्तर प्रदेश), पूर्व सांसद एवं राजपूत नेता आनंद मोहन सिंह (बिहार), ब्राह्मण महासभा के मिश्रा जी सहित अनेक राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारी तथा संतों ने अपने आशीर्वचन दिए।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराणा ने कहा कि स्वर्ण समाज लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का मजबूत समर्थक रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि यूजीसी से जुड़े विवादित प्रावधानों को तत्काल रोलबैक किया जाए, गौ माता को राष्ट्रीय माता का दर्जा दिया जाए तथा ईडब्ल्यूएस आरक्षण को पंचायत चुनावों से पूर्व पंचायत स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि स्वर्ण समाज और ओबीसी वर्ग को न्यायपूर्ण अवसर मिल सके। उन्होंने देश और विशेषकर राजस्थान में महिलाओं एवं बेटियों के विरुद्ध बढ़ रहे अपराधों पर भी चिंता व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
पदयात्रा में मेवाड़ संभाग की ओर से संभाग अध्यक्ष डॉ. परमवीर सिंह दुलावत के नेतृत्व में जिलाअध्यक्ष सलूंबर उदय सिंह, भंवर सिंह,जिला उपाध्यक्ष उदयपुर हनुमंत सिंह पंवार, जिला मीडिया प्रभारी शक्ति सिंह पंवार बस्सी, मावली तहसील प्रभारी महेंद्र सिंह झाला, वल्लभनगर तहसील प्रभारी उदय सिंह राणावत (कुराबड़), संगठन मंत्री करण सिंह राठौड़ सहित सैकड़ों करणी सैनिक शामिल हुए।
इस पदयात्रा का विशेष आकर्षण तब रहा जब डॉ. परमवीर सिंह दुलावत वीरभूमि हल्दीघाटी की पवित्र मिट्टी साथ लेकर पहुंचे। उन्होंने उसी मिट्टी से सभी करणी सैनिकों एवं सर्व समाज के उपस्थित लोगों का तिलक कर पदयात्रा का शुभारंभ कराया। इस भावपूर्ण क्षण ने मेवाड़ की वीर परंपरा और राष्ट्र गौरव का संदेश दिया।
आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस जनजागरण पदयात्रा को राजस्थान सहित देशभर के सर्व समाज का व्यापक समर्थन मिलेगा तथा यह यात्रा सामाजिक न्याय, शिक्षा, महिला सुरक्षा और समाजहित के मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण जनआंदोलन का रूप लेगी।

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