हल्दीघाटी युद्ध की 450वीं वर्षगांठ पर उदयपुर आएंगे मोहन भागवत, ‘राष्ट्र चेतना संकल्प सभा’ में करेंगे संबोधन,

उदयपुर। हल्दीघाटी युद्ध की 450वीं वर्षगांठ के अवसर पर 17 जून को उदयपुर के महाराणा भूपाल स्टेडियम (गांधी ग्राउंड) में ‘राष्ट्र चेतना संकल्प सभा’ का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे।

वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप समिति के अध्यक्ष प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पिछले साढ़े चार सौ वर्षों से यह झूठ फैलाया जाता रहा है कि हल्दीघाटी के युद्ध में अकबर विजयी हुआ था। उनका दावा है कि वास्तविकता यह है कि महाराणा प्रताप ने अपनी रणनीति के बल पर अकबर की सेना को पराजित किया था।

प्रो. शर्मा के अनुसार, युद्ध के शुरुआती चरण में मेवाड़ी सेना ने मुगल सेना को सात कोस पीछे तक खदेड़ दिया था। उन्होंने कहा कि हार के भय से मुगल सैनिक गोगुंदा के किले में छिप गए थे, जहां रसद समाप्त होने पर उन्हें मरे हुए घोड़ों का मांस और कच्ची केरियां खाकर समय बिताना पड़ा। उनका यह भी कहना है कि आगरा लौटने पर अकबर ने नाराज होकर मानसिंह का दरबार में आना छह महीने के लिए बंद कर दिया था, जिसे वे महाराणा प्रताप की जीत का प्रमाण मानते हैं।

प्रमुख बिंदु

  • 17 जून को आयोजन: महाराणा भूपाल स्टेडियम (गांधी ग्राउंड), उदयपुर में ‘राष्ट्र चेतना संकल्प सभा’ होगी।
  • मोहन भागवत का संबोधन: कार्यक्रम में RSS के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत मुख्य वक्ता रहेंगे।
  • इतिहास पर दावा: प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा ने कहा कि हल्दीघाटी युद्ध में जीत महाराणा प्रताप की हुई थी और वर्षों से फैली गलत धारणा को बदला जाएगा।
  • 2 लाख पत्रकों का वितरण: इस विषय को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में दो लाख पत्रक घर-घर बांटे जा रहे हैं।
  • विशेष आमंत्रण: कार्यक्रम में 1000 से अधिक संतों और देशभर से 5000 प्रबुद्धजनों को आमंत्रित किया गया है।
  • भव्य व्यवस्थाएं: लगभग 25 से 30 हजार लोगों के आगमन की संभावना को देखते हुए 2 लाख वर्ग फीट का वाटरप्रूफ डोम और 20 हजार कुर्सियों की व्यवस्था की जा रही है।
  • गर्मी से राहत: पूरे डोम में पंखे और वाटर मिस्ट (ठंडी फुहार) सिस्टम लगाया जाएगा।
  • हल्दीघाटी की मिट्टी से चित्र: कलाकार मनोहर कलार्थी हल्दीघाटी की मूल मिट्टी से महाराणा प्रताप और डॉ. मोहनराव भागवत की अनूठी तस्वीर तैयार कर रहे हैं। मंच के सामने कुम्भलगढ़ और चित्तौड़गढ़ के किलों की झांकी भी मिट्टी से बनाई जाएगी।
  • पार्किंग और परिवहन: बाहर से आने वाले लोगों के लिए विद्या भवन और फतह स्कूल में पार्किंग रहेगी तथा वहां से गांधी ग्राउंड तक ई-रिक्शा की सुविधा उपलब्ध होगी।
  • भोजन और चिकित्सा: कार्यक्रम के बाद 25 हजार भोजन पैकेट वितरित किए जाएंगे। स्थल पर डॉक्टरों की विशेष टीम और एम्बुलेंस भी तैनात रहेगी।
  • पर्यावरण अनुकूल आयोजन: सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं होगा। पानी की बोतलें और कूड़ेदान भी मिट्टी से बने होंगे।
  • मेवाड़ शौर्य प्रदर्शनी: 15 जून से गांधी ग्राउंड में तीन दिवसीय ‘मेवाड़ शौर्य प्रदर्शनी’ का भी आयोजन किया जाएगा।
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