ममता के दुर्ग भवानीपुर में सुवेंदु की ऐतिहासिक सेंध: पर्दे के पीछे राजस्थान के ‘चाणक्य’ राजेंद्र राठौड़ का रहा कमाल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत में सोमवार को वह ऐतिहासिक उलटफेर देखने को मिला जिसकी कल्पना शायद ही किसी राजनीतिक विश्लेषक ने की थी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के अभेद्य दुर्ग माने जाने वाले ‘भवानीपुर’ में न केवल सेंध लगी, बल्कि वह पूरी तरह ढह गया। बीजेपी के दिग्गज नेता सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15 हजार से अधिक मतों से हराकर एक नया इतिहास रच दिया है। इस बड़ी ‘महाविजय’ के पीछे जिस रणनीतिकार का चेहरा सबसे ज्यादा चमक रहा है, वह हैं राजस्थान बीजेपी के कद्दावर नेता और अनुभवी रणनीतिकार राजेंद्र राठौड़।

खुद की हार का गम भुलाकर बंगाल में गाड़ा झंडा

राजेंद्र राठौड़ के लिए यह जीत निजी तौर पर एक बड़ी राजनीतिक संजीवनी साबित होगी। हाल ही में हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव में राठौड़ को अपनी पारंपरिक सीट छोड़कर तारानगर से चुनाव लड़ना पड़ा था, जहाँ उन्हें अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा। राजस्थान के इस ‘चाणक्य’ के लिए अपनी खुद की हार एक बड़ा झटका थी, लेकिन संगठन ने जब उन पर भरोसा जताते हुए उन्हें बंगाल की सबसे कठिन और हाई-प्रोफाइल ‘भवानीपुर’ सीट के प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी, तो उन्होंने साबित कर दिया कि एक अनुभवी सेनापति कभी पीछे नहीं हटता। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत हार को पीछे छोड़ भवानीपुर में बीजेपी का परचम लहराने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी।

बूथ स्तर पर ‘राजस्थानी’ माइक्रो-मैनेजमेंट का दिखा दम

भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में मारवाड़ी और हिंदी भाषी मतदाताओं की तादाद बेहद निर्णायक भूमिका में है। राजेंद्र राठौड़ ने करीब दो महीने तक इसी इलाके में डेरा डाला और जमीन पर रहकर काम किया। उन्होंने ‘बूथ जीता, चुनाव जीता’ के पारंपरिक मंत्र को अपनाते हुए पन्ना प्रमुखों से लेकर स्थानीय कार्यकर्ताओं तक को पूरी तरह सक्रिय किया। राठौड़ ने स्थानीय समीकरणों को समझते हुए मारवाड़ी समाज और प्रवासी राजस्थानियों के बीच गहरी पैठ बनाई और उन्हें बीजेपी के पक्ष में पूरी तरह लामबंद किया। उनकी इसी कुशल रणनीति का असर था कि ममता बनर्जी के अपने ही घर में सुवेंदु अधिकारी को हर वर्ग का मजबूत समर्थन हासिल हुआ।

विजेता सुवेंदु अधिकारी ने खुले दिल से जताया आभार

इस ऐतिहासिक और अकल्पनीय जीत को दर्ज करने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने खुले दिल से राजेंद्र राठौड़ की तारीफ की और उनका आभार जताया। सुवेंदु ने कहा कि भवानीपुर में मिली यह जीत शानदार टीम वर्क का नतीजा है और इसमें राजस्थान के नेताओं, विशेषकर राजेंद्र राठौड़ के ‘ग्राउंड मैनेजमेंट’ और चुनावी कौशल की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने राठौड़ को विशेष तौर पर धन्यवाद देते हुए उनके राजनीतिक अनुभव का लोहा माना।

राठौड़ बोले- ‘यह कार्यकर्ताओं और देवतुल्य जनता की जीत है’

इस बड़ी सफलता के बाद राजेंद्र राठौड़ ने भी सुवेंदु अधिकारी को जीत की बधाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी खुशी साझा करते हुए लिखा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15 हजार से अधिक मतों से पराजित कर ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के लिए सुवेंदु अधिकारी जी को हार्दिक बधाई। यह जीत संगठन के सभी निष्ठावान कार्यकर्ताओं और देवतुल्य जनता की सामूहिक शक्ति की जीत है। निश्चित तौर पर, राजस्थान चुनाव की व्यक्तिगत हार के बाद बंगाल के इस बेहद कठिन मोर्चे पर मिली यह बड़ी सफलता राजेंद्र राठौड़ के राजनीतिक कद को दिल्ली के केंद्रीय गलियारों में और भी ज्यादा मजबूत और ऊंचा कर देगी।

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