
चित्तौड़गढ़ में साइबर सेल के डीएसपी और उसके साथी पर एक युवक का किडनैप करने और 5 लाख रुपए फिरौती मांगने का मामला दर्ज हुआ है। युवक के दोस्त की रिपोर्ट पर डीएसपी और उसके साथी के खिलाफ सदर थाने में FIR दर्ज हुई है।
पीड़ित ने आरोप लगाया कि डीएसपी ने उसके साथ मारपीट की और 5 लाख रुपए मांगे। वहीं डीएसपी ने कहा कि युवक के खिलाफ साइबर थाने में एक मामला दर्ज है। उस मामले में पुलिसकर्मी अपना कर्तव्य ठीक से नहीं निभा रहे हैं, इसलिए मुझे कार्रवाई करनी पड़ी।सदर थाने में दर्ज FIR में मनीष ने बताया- मंगलवार रात करीब 11 बजे मैं और मेरा दोस्त हिमांशु माहेश्वरी स्कूटी पर जा रहे थे। इस दौरान साइबर सेल के डीएसपी गिरिराज गर्ग ने अपने साथियों अनिल सनाढ्य व अन्य के साथ मिलकर डस्टर और बलेनो गाड़ी से हमारा पीछा किया और स्कूटी को घेर लिया।
मनीष ने बताया- उन्होंने हिमांशु को जबरन डस्टर कार में बैठा लिया और उसके साथ मारपीट कर 5 लाख रुपए की मांग की। इस दौरान डीएसपी नशे की हालत में थे। हिमांशु को ले जाने के बाद मैं दौड़कर सदर थाने पहुंचा और शिकायत सौंपी।
पुलिस ने हिमांशु की तलाश की तो सामने आया कि हिमांशु को साइबर थाने ले जाया गया है। वहां से साइबर थाना प्रभारी ठाकरा राम उसे लेकर सदर थाने पहुंचे। बुधवार को हिमांशु के दोस्त मनीष की रिपोर्ट पर सदर थाने में डीएसपी गिरिराज गर्ग और अनिल सनाढ्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।डीएसपी गिरिराज गर्ग का कहना है- हिमांशु माहेश्वरी के खिलाफ साइबर थाने में पहले से एक मामला दर्ज है। ऐसे में उसे पकड़ने के लिए जब मैंने थाना प्रभारी से पुलिस की गाड़ी भेजने की बात कही तो थाना प्रभारी ने मना कर दिया। इसके बाद मैंने अपने दोस्त अनिल सनाढ्य की गाड़ी से हिमांशु को पकड़ा और साइबर थाना प्रभारी को सौंप दिया।
डीएसपी ने कहा- इसके बाद थाना प्रभारी ने हिमांशु को सदर थाने ले जाकर मेरे ही खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया। डीएसपी ने बताया- एसपी ने हिमांशु के केस की जांच मेरे से ले ली थी और साइबर थाना प्रभारी ठाकरा राम को दी थी। डीएसपी ने आरोप लगाया कि हिमांशु के मामले में पुलिसकर्मी अपना कर्तव्य ठीक से नहीं निभा रहे हैं, इसलिए मुझे कार्रवाई करनी पड़ी।मामले में साइबर थाना प्रभारी ठाकरा राम ने बताया- हिमांशु माहेश्वरी के खिलाफ साइबर सेल में जो मामला दर्ज है, उसकी जांच पहले DSP गिरिराज गर्ग ही कर रहे थे। उसके बाद यह जांच दिसंबर महीने के आखिरी में इंस्पेक्टर मधु कंवर को सौंपी गई थी। मेरे पास जांच तो अब आज है और इसकी जांच आगे की जाएगी। उन्होंने ऐसा क्यों कहा- मुझे इसका आइडिया नहीं है
