
महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने एकतरफा बढ़त बनाकर सियासी ताकत का जोरदार प्रदर्शन किया है। शुरुआती रुझानों में राज्य के 29 नगर निगमों में से 23 में भाजपा गठबंधन आगे चल रहा है, जिससे विपक्षी खेमे में हलचल मच गई है। सबसे बड़ा सियासी संकेत बीएमसी से सामने आया है। यहां भाजपा + शिवसेना (शिंदे) गठबंधन 227 सीटों में से 118 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। अगर यही रुझान नतीजों में बदले, तो मुंबई को पहली बार भाजपा का मेयर मिल सकता है। आपको बता दे कि पिछले चार साल से BMC में चुनाव नहीं हुए थे, जिससे मेयर पद खाली था, जबकि इससे पहले लगातार 30 साल तक शिवसेना का कब्जा रहा।मुंबई के अलावा नागपुर, पुणे, ठाणे, नवी मुंबई, पिंपरी चिंचवाड़ और नासिक जैसे बड़े शहरी निगमों में भी भाजपा गठबंधन निर्णायक बढ़त बनाए हुए है। यह साफ तौर पर शहरी मतदाताओं के बीच भाजपा की मजबूत पकड़ को दर्शाता है। हालांकि कुछ जगहों पर विपक्ष को भी सफलता मिली है। लातूर नगर निगम में कांग्रेस ने 70 में से 43 सीटें जीतकर जीत दर्ज की, वहीं चंद्रपुर में कांग्रेस बढ़त बनाए हुए है। परभणी नगर निगम में शिवसेना (उद्धव) को बढ़त है, जबकि वसई-विरार में बहुजन विकास आघाड़ी और मालेगांव में शिवसेना (शिंदे) आगे चल रही है। नगर निगम चुनावों की काउंटिंग शुक्रवार सुबह 10 बजे से जारी है। राज्य में 15 जनवरी को मतदान हुआ था। कुल 893 वार्डों में 15,931 उम्मीदवार मैदान में थे। नगर निगमों की कुल 2,869 सीटों में से 68 उम्मीदवार निर्विरोध विजयी घोषित हो चुके हैं। कुल मिलाकर, इन रुझानों ने साफ कर दिया है कि महाराष्ट्र की शहरी राजनीति में भाजपा गठबंधन का दबदबा लगातार मजबूत हो रहा है, और अगर यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले समय में राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
