
जयपुर – राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत का अचानक दिल्ली में प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है। उन्हें सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया है। वे 1 दिसंबर 2025 को दिल्ली में जॉइन कर सकते हैं।
दावा है कि मुख्य सचिव के कार्यकाल के बीच में केंद्र में पोस्टिंग पर भेजे जाने वाले वो दूसरे आईएएस हैं। वसुंधरा राजे के मुख्यमंत्री (साल 2013 में) रहते हुए तत्कालीन सीएस राजीव महर्षि को दिल्ली में पोस्टिंग मिली थी।
रिटायरमेंट के 13 महीने पहले पंत के अचानक केंद्र में ट्रांसफर से कई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
2027 में रिटायरमेंट, अब दिल्ली में नियुक्ति
सुधांश पंत को एक जनवरी, 2024 को मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। उनका रिटायरमेंट फरवरी 2027 में था, लेकिन उन्होंने रिटायरमेंट से करीब 13 महीने पहले ही पद छोड़ दिया है।
पंत अब दिल्ली में सेवाएं देंगे। उन्हें सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में सचिव नियुक्त किया गया है। भारत सरकार ने आदेश जारी कर दिए हैं।
मुख्य सचिव को केंद्र सरकार ने क्यों बुलाया?
ब्यूरोक्रेसी के जानकार बताते हैं – सुधांश पंत राज्य और केंद्र सरकार के बीच एक कड़ी के रूप में काम करते हैं। अब वो केंद्र की योजनाओं को समय से पूरा करने की जिम्मेदारी निभाएंगे। इसलिए उनको मोदी सरकार ने दिल्ली बुला लिया है। उन्हें अचानक दिल्ली बुलाने को लेकर अलग-अलग दावे हैं?
पहला – सुधांश पंत PM मोदी के करीबी अफसर में से एक हैं। पीएमओ में उनकी छवि अच्छी है। यही वजह है कि जब कोराना काल में मोदी सरकार ने उनकी सेवाएं ली थी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में सचिव बनाया था। इसके साथ ही वो राज्य के शासन और प्रशासन को लेकर अच्छी समझ रखते हैं।
दूसरा- सुधांश पंत राज्य और केंद्र सरकार के बीच लिए जा रहे फैसलों में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके साथ ही केंद्र की योजनाओं को राजस्थान में लागू करने में सफल हुए हैं।
तीसरा- पंत के कार्यकाल में सभी समीक्षाएं बैठक समय से और उसका रिजल्ट भी समय से केंद्र सरकार को मिलता रहा। ऐसे में केंद्र सरकार ने उनकी कार्यप्रणाली को देखते हुए दिल्ली बुला लिया।
